न्यूज़लिंक हिंदी। कांग्रेस ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों के आरोप में आचार्य प्रमोद कृष्णम को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। कांग्रेस की इस कार्रवाई के बाद प्रमोद कृष्णम की इस पर पहली प्रतिक्रिया आई है। कृष्णम ने रविवार सुबह सोशल मीडिया में कहा, ‘राम और ‘राष्ट्र’ पर ‘समझौता’ नहीं किया जा सकता।’ उन्होंने अपने इस पोस्ट में कांग्रेस सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भी टैग किया है।
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कांग्रेस के इस फैसले के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी राय देते हुए कहा कि भगवान राम को भी 14 वर्ष के लिए वनवास भेजा गया था और मैं राम भक्त हूं तो मुझे भी कांग्रेस पार्टी 6 साल के बदले 14 वर्ष के लिए निलंबित करे। बता दें कि कांग्रेस का कहना है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे, यही वजह है कि उन्हें पार्टी से निलंबित किया जा रहा है।
इस पर प्रमोद कृष्णम ने अपना रिएक्शन देते हुए पार्टी से पूछा कि मैं कौन सी पार्टी विरोधी गतिविधियां कर रहा था। क्या राम का नाम लेना पार्टी विरोधी है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होना पार्टी विरोधी है। या कल्कि धाम का शिलान्यास करना पार्टी विरोधी है। क्या सीएम योगी को कल्कि धाम का शिलान्यास समारोह में आमंत्रित करना पार्टी विरोधी है।
बता दें, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक नोट शेयर किया है, जिसमें कहा गया है कि अनुशासनहीनता की शिकायतों और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयानबाजी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

