न्यूज़लिंक हिंदी,पश्चिम बंगाल। सोमवार को केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। कई समर्थक जहां सरकार के इस फैसले पर खुशी जता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ है। वहीं, अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर संदेह जताया है कि यह कानून वैध भी या नहीं।
#WATCH | North 24 Parganas: On CAA notification, West Bengal CM Mamata Banerjee says, "Central Government implemented CAA yesterday, I am doubtful of its legality. There is no clarity from the Government over this. In 2019, names of 13 Lakh Hindu Bengalis, out of the total 19… pic.twitter.com/o15rbA7O0K
— ANI (@ANI) March 12, 2024
लोगों ने आत्महत्या कर ली थी
ममता बनर्जी ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने कल सीएए लागू किया। मुझे संदेह है कि इनके द्वारा लाया गया कानून वैध भी या नहीं। इसे लेकर केंद्र सरकार की स्पष्टता नहीं है। साल 2019 में असम में एनआरसी के नाम पर 19 लाख में से 13 लाख बंगाली हिंदूओं को सूची से हटा दिया गया था। इसकी वजह से कई लोगों ने आत्महत्या कर ली थी।’
कोई अधिकार नहीं बचेगा
ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘मैं पूछती हूं, अगर वे लोग दर्खास्त करेंगे तो क्या उन्हें नागरिकता मिलेगी? उनके बच्चे का भविष्य क्या होगा? उनकी संपत्ति का क्या होगा? इससे आपके सभी अधिकार छीन लिए जाएंगे, आपको अवैध घोषित कर दिया जाएगा। आपके पास कोई अधिकार नहीं बचेगा। यह अधिकार छीनने का खेला है। आपको डिटेंशन कैंप में ले जाया जाएगा। केंद्र सरकार सुन ले मैं बंगाल से किसी को भी जाने नहीं दूंगी।’
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