Explainer: कैसे इंदिरा गांधी के सुरक्षा प्रभारी रहे लालडुहोमा बने मिजोरम के मुख्यमंत्री का चेहरा

Lalduhoma: सोमवार को शुरू हुई काउंटिंग में जेडपीएम ने मिनट तक 40 में से 27 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया।

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न्यूज़लिंक हिंदी, एक्स्प्लेनर। भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में विधानसभा चुनाव के वोटों के गिनती पूरी हो चुकी है। नतीजों में जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने 27 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। कभी इंदिरा गांधी के सुरक्षा प्रभारी रहे लालडुहोमा आज मिजोरम के मुख्यमंत्री का चेहरा बन गए हैं। एक पूर्व आईपीएस अधिकारी, विधायक और पूर्व सांसद लालडुहोमा द्वारा स्थापित पार्टी जेडपीएम का मिजोरम की राजनीति में परचम लहराना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है, कैसे एक पूर्व अधिकारी यहाँ तक पहुंचा हमारी समझ से यह कहानी आप भी जानना चाहेंगे, न्यूज़लिंक हिंदी एक्स्प्लेनर में हम आपको सब कुछ बताने वाले हैं।

पहले जानिए इस बार चुनाव में क्या हुआ?
40 सीटों वाले मिजोरम विधानसभा में बहुमत के लिए 21 सीटों की जरूरत थी। जेडपीएम ने सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ा। सात नवंबर को हुए चुनाव में 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। चार दिसंबर यानि सोमवार को शुरू हुई काउंटिंग में जेडपीएम ने मिनट तक 40 में से 27 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस को 1, एमएनएफ को 10 और अन्य के खाते में 2 सीटें गयी हैं।

जेडपीएम सरकार बनाने जा रही है.

जोरम पीपुल्स मूवमेंट का गठन कैसे हुआ
जोरम पीपुल्स मूवमेंट का गठन छह क्षेत्रीय दलों के गठबंधन के रूप में किया गया था। जिनमें जोरम एक्सोडस मूवमेंट, जोरम डिसेंट्रेलाइजेशन फ्रंट, मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, जोरम नेशनलिस्ट पार्टी, जोरम रिफॉर्मेशन फ्रंट और मिजोरम पीपुल्स पार्टी शामिल हैं। इन दलों ने आगे चलकर एक एकीकृत इकाई के रूप में विलय कर दिया, इसके बाद आधिकारिक तौर पर 2018 में जोरम पीपुल्स मूवमेंट यानी आज के जेडपीएम का गठन हुआ।

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मान्यता नहीं मिली तो निर्दलीय लड़ा चुनाव
2018 के मिजोरम विधानसभा चुनावों में जेडपीएम पहली बार मैदान में उतरा। पार्टी ने शराबबंदी का मुद्दा उठाया, उस वक्त लालडुहोमा की गठित पार्टी को चुनाव आयोग से मान्यता नहीं मिल सकी थी, जिसके कारण उनके उम्मीदवारों को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में जेडपीएम ने 8 सीटों पर जीत हासिल की। चुनाव में लालडुहोमा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री लालथनहलवा को करारी शिकस्त दी थी, जो सुर्खिया बन गया। जिसके बाद चुनाव आयोग (ईसीआई) ने आधिकारिक तौर पर जुलाई 2019 में पार्टी को पंजीकृत किया।

इंदिरा गांधी के सुरक्षा प्रभारी रहे लालडुहोमा की राजनीति में एंट्री
जेडपीएम के अध्यक्ष लालडुहोमा मिज़ोरम के एक पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं। स्नातक की पढ़ाई के बाद उन्होंने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा दी। 1977 में आईपीएस बनने के बाद उन्होंने गोवा में एक स्क्वाड लीडर के तौर पर काम किया। बताया जाता है कि 1972 से 1977 तक लालडुहोमा ने मिजोरम के मुख्यमंत्री के प्रधान सहायक के तौर पर काम किया था। 1982 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें अपना सुरक्षा प्रभारी नियुक्त किया था। राजीव गांधी की अध्यक्षता में 1982 एशियाई खेलों की आयोजन समिति के लालडुहोमा सचिव भी रहे थे। 1984 में पुलिस सेवा से इस्तीफा देने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उसी वर्ष दिसंबर माह में लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर लालडुहोमा संसद पहुंचे थे।

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