उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब पूर्ण रूप से 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है।
इसके साथ ही सदन के समक्ष बजट पेश करते हुए खन्ना ने कहा कि राज्य सरकार राजकोषीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के लिए हमेशा पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
फिर इसे राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 18वीं विधानसभा का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है।
और फिर इस बजट में सरकार ने रोजगार, अवस्थापना विकास और चिकित्सा स्वास्थ्य समेत विभिन्न मदों को खास तवज्जो दी है।
इसके साथ ही वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 12.2 प्रतिशत भी अधिक है।
और फिर उन्होंने कहा, ‘ इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। और फिर केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार की गई 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत निर्धारित भी की गई है।
फिर यह सीमा 2030-31 तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही खन्ना ने प्रमुख मदों में किये गये आवंटन का जिक्र करते हुए ये भी कहा, शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए किया गया।
और आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 तथा छह प्रतिशत है। इसके अलावा कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट की नौ प्रतिशत भी रखा गया है।
इसके अलावा प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 15 प्रतिश्त अधिक है।
और फिर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8641 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इसके साथ ही आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन’ योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
और फिर आयुष सेवाओं के लिए लगभग 2867 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। और फिर वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वित्त वर्ष 2025 26 के मुकाबले 13 प्रतिशत अधिक है।
और मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
फिर उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट व स्मार्टफोन के वितरण की प्रक्रिया जारी है। और फिर इसके लिए 2374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
और फिर अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत अवस्थापना विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।
ये भी बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 में वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में रोजगार के 30 हजार अवसर उत्पन्न करने का लक्ष्य है।
और कंबल उत्पादन केंद्र गोरखपुर के आधुनिकीकरण के लिए नई योजना प्रस्तावित की जा रही है, फिर जिसके लिए सात करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक की योजनाओं के लिए 2059 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।