न्यूज़लिंक हिंदी। कोयम्बूर की एक जूलरी शोरूम में मामूली चोरी और शातिर चोर की चालाकी की यह गजब कहानी है। आपने ऐसे चोर के बारे में नहीं सुना होगा, जिसके सामने करोड़ों की जूलरी पड़ी हो तो वह सिर्फ कुछ तोला सोना चुराया हो।
ऐसा चोर, जो दीवार के सहारे स्पाइडर मैन की तरह चढ़कर 30-35 फीट ऊंचे फ्लोर में सेंध लगाई। जिस को पकड़ने के लिए पुलिस के 47 जवान 14 दिनों तक शहर-शहर भागते रहे।
तमिलनाडु पुलिस ने 14 दिनों की कसरत के बाद ‘स्पाइडरमैन’ चोर विजय मुनिरत्नम को पकड़ लिया। 26 साल के विजय ने 28 नवंबर को कोयंबटूर की जूलरी शोरूम में हाथ साफ किया था। उस शोरूम की तीसरी मंजिल पर वह दीवार और एलिवेशन पैनल की मदद से स्पाइडर मैन की तरह चढ़ गया।
हालत यह थी कि जब पुलिसवाले जांच के दौरान दीवार के जरिये स्पाइडरमैन चोर की कलाबाजी दोहराने की कोशिश करते तो धड़ाम से गिर जाते। कोई भी पुलिसवाला पांच फीट तक भी नहीं चढ़ पाया। कोयंबटूर के पुलिस कमिश्नर वी बालाकृष्णन ने कहा कि स्पाइडर मैन चोर विजय मुनिरत्नम को पकड़ने के लिए पुलिस ने पांच टीमें बनाई, जिसमें 47 पुलिसवाले शामिल थे।
इसके बावजूद वह पूरी टीम को छकाता रहा। उसे पकड़ने के लिए पुलिस को 350 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े। हालांकि पुलिस ने वारदात के 24 घंटे के भीतर विजय की पत्नी से चुराई गई जूलरी बरामद कर ली थी। फिलहाल उसकी पत्नी अपने तीन महीने के बच्चे के साथ जेल में है।
जब चोर विजय मुनिरत्नम पकड़ा गया तो पुलिस ने भी उसका इरादा जानकर सिर पीट लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसे मकान का पट्टा लेने के लिए एक लाख रुपये की जरूरत थी, इसलिए उसने थोड़े से गहने चुराए थे।
इसलिए उसने चोरी करने का प्लान बनाया।
उसने पहले मोबाइल फोन की दुकान में चोरी करने की कोशिश की, मगर लोगों की भीड़ के कारण सफलता नहीं मिली। फिर उसकी नजर जूलरी शोरूम पर पड़ी। वहां वह दीवार और लोहे की छड़ के सहारे चढ़ना शुरू किया।
जब वह तीसरी मंजिल पर पहुंचा तो देखा कि वहां 30-40 किलो सोने और हीरे की जूलरी रखी थी। फिर भी उसने वहां पहले कैश की तलाश की। जब कैश भी नहीं मिला तो थोड़ी सी जूलरी लेकर वापस लौट गया।

