1 केस, 3 महीने और 4 समन… आबकारी घोटाला मामले में Arvind Kejriwal से 18 जनवरी को ED करेगी पूछताछ

ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चौथी बार समन जारी किया है।

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न्यूजलिंक हिंदी। दिल्ली शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी लगातार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी कर रही है। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चौथी बार समन जारी किया है। ईडी ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को 18 जनवरी को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा है।

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इससे पहले ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के सीएम को दो नवंबर 2023, 21 दिसंबर 2023 और 3 जनवरी 2024 को पूछताछ के लिए बुलाया था। तीनों बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पेश नहीं हुए। हर बार उन्होंने एक चिट्ठी जारी कर ईडी के समन का गैर कानूनी बताया और इस बात का जवाब मांगा कि आखिर उन्हें प्रवर्तन निदेशालय किस हैसियत से बुलाना चाहता है, पहले वो इस बात को स्पष्ट करे।

ED का समन राजनीति से प्रेरित
आम आदमी पार्टी के नेता भी सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी की ओर से जारी समन को राजनीति से प्रेरित और गैर जरूरी बताते आये हैं। आप नेताओं का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल को भारतीय जनता पार्टी के नेता किसी भी तरह एक साजिश के तहत गिरफ्तार कराना चाहती है। जबकि अरविंद केजरीवाल के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने एक रुपये का भी भ्रष्टाचार नहीं किया है। सीएम अरविंद केजरीवाल खुद बता चुके हैं कि वो जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। बशर्तें, ईडी दफ्तर में पेश होने से पहले ईडी उनके सवाल को जवाब दे। आपने नेताओं यह भी कहना है कि ईडी का यह समन भी पिछले समन की तरह गैर कानूनी है। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए वापस लेने की मांग की थी।

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क्या हैं आरोप?
आरोप है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने संबंधी दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति में घोर खामियां थीं और इसके जरिए जरिए कुछ डीलर का पक्ष लिया गया, जिन्होंने कथित तौर पर इसके लिए रिश्वत दी थी। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों का बार-बार खंडन किया है। बाद में इस नीति को रद्द कर दिया गया और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की सिफारिश की जिसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया।

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