कानपुर नगर निगम में टाइपिंग टेस्ट में 32 लिपिक फेल, 72 एग्जाम में हुए थे शामिल, यहां देखें पास-फेल की लिस्ट

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नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय एग्जाम सेंटर का निरीक्षण करते हुए साथ में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार.

न्यूजलिंक हिंदी. कानपुर नगर निगम में लिपिक (क्लर्क) बने रहने के लिए बीते दिनों हुए टाइपिंग टेस्ट में 32 लिपिक फेल हो गए. इस परीक्षा में कुल 84 लोगों को टाइपिंग टेस्ट देना था, लेकिन 72 लोग ही शामिल हुए थे. हालांकि इस एग्जाम में 40 लोग सफल हुए.प्रभारी कार्मिक अधिकारी की ओर से शुक्रवार को रिजल्ट जारी किया.

ये हुए सफल

29 जून को हुआ एग्जाम
नगर निगम में मृतक आश्रित के रूप में क्लर्क बने कई कर्मचारी वर्षों बीतने के बाद भी नियमानुसार टाइपिंग टेस्ट पास नहीं कर पाए हैं. इसके बाद भी वह अपनी निर्धारित पोस्ट पर ही बने हुए है. ऐसे ही 84 कर्मचारियों का 29 जून यानी सोमवार को क्लर्क बने रहने के लिए टाइपिंग टेस्ट से गुजरना पड़ा. एग्जाम में लगभग 1 दर्जन ने अलग-अलग कारणों को बताकर परीक्षा नहीं दी.

यह है नियम लेकिन फॉलो नहीं होता
नगर निगम में मृतक आश्रित के रूप में तैनात क्लर्क को नियमानुसार 1 वर्ष के भीतर टाइपिंग टेस्ट देना होता है. एक कर्मचारी को दो मौके मिलते हैं. 84 क्लर्क के लिए नागरिक सुविधा केंद्र में कम्प्यूटर टाइपिंग टेस्ट परीक्षा आर्गनाइज की गई. मृतक आश्रित के रूप में 2018 में 1 कर्मचारी, 2019 में 8, 20 में 10, 2021 में 21 इसीतरह 2022 में 3, 2023 में 11, 2024 में 5, 2025 में 24 और 2026 में 1 क्लर्क को ज्वाइनिंग दी गई. 2025 तक के कर्मचारियों को छोड़ भी दिया जाये तो अधिकतर को अभी तक एग्जाम पास कर लेना चाहिए लेकिन ऐसा हुआ नहीं है.

टाइम से नहीं कराई जाती परीक्षा
नगर निगम में समय से टाइपिंग टेस्ट न होने की स्थिति में कई कर्मचारी क्लर्क के पद पर है. कुछ एक ने तो टाइपिंग सीख ली है लेकिन अधिकांश ने ऐसा नहीं किया है जिससे वह अन्य क्लर्क के वर्क कर रहे हैं. एक अफसर ने बताया कि पिछली बार 2 वर्ष पहले टाइपिंग टेस्ट कराया गया था. तब से अबतक परीक्षा नहीं आर्गनाइज की गई. समय से परीक्षा न होने का फायदा कर्मचारियों को मिलता है.

ये हो गए फेल

1 मिनट में 25 शब्द लिखने थे
नागरिक सुविधा केंद्र में आर्गनाइज टाइपिंग टेस्ट में 5 पालियों में परीक्षा हुई. एक पाली में 15 लिपिक एक साथ बैठे. जिसमें 1 मिनट में 25 शब्द लिखने थे. नागरिक सुविधा केंद्र में मोबाइल फोन ले जाना भी प्रतिबंधित किया गया. टाइपिंग टेस्ट में पास होने के लिए अधिकांश कर्मचारी खुद का की बोर्ड लेकर पहुंचे जिससे वो समय से 25 शब्द लिख सकें.

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