कर्नाटक में अब परीक्षा में सिर ना ढकने देने पर विवाद, शिक्षा मंत्री ने कहा- ऐसी कोई बात नहीं…

कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी के केईए रिक्रूटमेंट एग्जाम 2023 को लेकर संग्राम थमता नहीं दिखायी दे रहा। इस बार अथॉरिटी ड्रेस कोड को लेकर जहां एक तरफ सख्ती दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ सिर ढ़कने की इजाजत न मिलने से समुदाय विशेष में नाराजगी और असंतोष है।

0
266

न्यूज़लिंक हिंदी। कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी के केईए रिक्रूटमेंट एग्जाम 2023 को लेकर संग्राम थमता नहीं दिखायी दे रहा। इस बार अथॉरिटी ड्रेस कोड को लेकर जहां एक तरफ सख्ती दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ सिर ढ़कने की इजाजत न मिलने से समुदाय विशेष में नाराजगी और असंतोष है। केईए ने एग्जाम के लिए जो गाइडलाइंस जारी की थी उसमें साफतौर पर हिजाब पहनने की मनाही नहीं थी लेकिन सिर ढ़कने से लेकर फुल स्लीव्स के कपड़े पहनने तक के लिए मना किया गया था। ऐसा नकल से बचने के लिए कहा गया लेकिन इन नियमों का विरोध शुरू हो गया।

कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) द्वारा ये आदेश जारी करते ही सियासी हलके में तूफान खड़ा हो गया। उमर अब्दुल्ला से लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी तक, कई नेताओं ने इस फैसले को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। विवाद बढ़ता देख कर्नाटक सरकार ने बयान जारी किया और कहा कि परीक्षा में हिजाब पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। कर्नाटक सरकार के शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर ने कहा कि बोर्ड और निगम की परीक्षाओं में हिजाब पर किसी तरह का बैन नहीं है। एमसी सुधाकर का यह बयान ओवैसी और अब्दुल्ला द्वारा उठाई गई आवाज के बाद आया है।

ये भी पढ़े : Kanpur News: काकादेव के गर्ल्स हॉस्टल में निर्वस्त्र मिली महिला, इलाज के दौरान मौत, बेटी बोली- टिफिन वाले ने मार डाला

क्या था आदेश?
परीक्षा बोर्ड (KEA) ने कहा है कि एग्जाम रूम में ब्लूटूथ व अन्य उपकरणों के उपयोग से नकल को रोकने के लिए ड्रेस कोड जारी किया गया था जिसमें सिर पर टोपी पहनने या कोई अन्य कपड़ा रखने को बैन किया गया था।

क्या बोले थे ओवैसी?
कर्नाटक में परीक्षाओं के दौरान कथित तौर पर हिजाब पर प्रतिबंध लगाने और राज्य की पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी को रद्द करने के लिए कदम नहीं उठाने को लेकर ओवैसी ने कांग्रेस सरकार की आलोचना की।

असदुद्दीन औवेसी ने सरकार पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, ‘कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने परीक्षाओं में हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसने पिछली बीजेपी सरकार के हिजाब प्रतिबंध को भी रद्द नहीं किया है। तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख तेलंगाना में RSS का कर्नाटक मॉडल लागू करना चाहते हैं। यही कारण है कि वह शेरवानी को गाली देते रहते हैं और मुस्लिम टोपी पहनने से बचते हैं। कपड़े देख कर पहचानो, जैसा कि उनके सबसे अच्छे दोस्त मोदी ने एक बार कहा था।’

ये भी पढ़े : अपने आर्थिक और सैन्य आक्रामक रवैये पर रोक लगाएं, बाइडन-जिनपिंग की मुलाकात से पहले बोले भारतीय मूल के सांसद कृष्णमूर्ति

कर्नाटक सरकार में शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकरने कहा कि, हिजाब बैन करने से हमारा मकसद किसी भी धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं था। ये नियम सिर्फ इसलिए लागू किया था, कई बार कुछ छात्र-छात्राएं हिजाब, टोपी या कपड़े से मुंह ढकने की आड़ में नकल का सामान ले आते थे। ये बच्चे माहौल खराब करते थे। इसके बाद एमसी सुधाकर ने कहा कि जो लोग इस नियम को गलत तरीके से देख रहे हैं, उन्हें स्पष्ट कर दूं कि 18, 19 नवबंर को होने वाली परीक्षाओं में किसी तरह के हिजाब पर बैन नहीं है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि हिजाब पहनने वाली छात्राओं को एग्जाम से एक घंटे पहले आना पड़ेगा और चेकिंग के कड़े प्रावधान के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। इस बार नकल को रोकने के लिए शिक्षा मंत्री ने अधिक मेटल डिटेक्टर लगवाए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here