कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कानपुर नगर निगम सदन की बैठक विकास के मुद्दों से ज्यादा हंगामे और पार्षदों के बीच विवाद को लेकर चर्चा में रही। टेंडर अनियमितता, मंगल भवन और हॉट मिक्स प्लांट की समितियों, जलभराव और वार्ड परिसीमन जैसे मुद्दों पर तीखी बहस हुई। इसी दौरान भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई के बीच विवाद गाली-गलौज और हाथापाई की नौबत तक पहुंच गया। दूसरे पार्षदों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। ऐसी झड़प की स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी हुई है।
टेंडर अनियमितता पर पार्षदों ने घेरा
बैठक की शुरुआत में भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने शहर में जलभराव, खराब सड़कों और टेंडर से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से पार्षदों की छवि प्रभावित हुई है और सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए।
महापौर ने भी पहले इन मुद्दों पर चर्चा कराने पर सहमति जताई। मंगल भवन और हॉट मिक्स प्लांट की समितियों को भंग किए जाने को लेकर नगर आयुक्त से जवाब मांगा गया। नगर आयुक्त ने कहा कि संबंधित तथ्य उपलब्ध नहीं हैं और रिपोर्ट तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।
कांग्रेस पार्षद दल के नेता हाजी सुहैल अहमद ने भी टेंडर मामले को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। उनका कहना था कि आरोपों के कारण जनता के बीच पार्षदों की छवि प्रभावित हुई है। नगर आयुक्त ने मामले में जांच जारी होने और जल्द रिपोर्ट देने की बात कही।

वार्ड परिसीमन को लेकर भाजपा-सपा पार्षद आमने-सामने
सदन में वार्ड सीमा और बरातशाला के मुद्दे पर भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई के बीच तीखी बहस हुई। दोनों के बीच विवाद बढ़ने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। दूसरे पार्षदों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया।
महापौर ने स्थिति संभालते हुए पार्षदों को सदन की मर्यादा बनाए रखने की हिदायत दी।
निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता भी पहुंचे
बैठक के दौरान निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता सदन में पहुंचे और कार्यकारिणी चुनाव में मतदान की अनुमति मांगी। महापौर और नगर आयुक्त ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें चुनाव में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। इस मुद्दे पर भी सदन में हंगामा हुआ।
जलभराव और टूटी सड़कों का मुद्दा भी उठा
पार्षदों ने शहर की खराब सड़कों, जलभराव, सीवर और पेयजल लाइनों की समस्याएं उठाईं। आरटीओ रोड पर जलभराव, विष्णुपुरी और नवाबगंज में टूटी पेयजल लाइनों तथा सीएम ग्रिड और सीवर से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई।
महापौर ने कहा कि नाला सफाई के लिए मार्च में ही निर्देश दिए गए थे, लेकिन बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। नगर आयुक्त ने सफाई कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की बात कही।
नई कूड़ा उठान कंपनी पर सवाल
पार्षदों ने नई निजी कंपनी को कूड़ा उठान का काम दिए जाने पर भी सवाल उठाए। नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी करीब तीन महीने में पूरी व्यवस्था अपने हाथ में लेगी और आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी नहीं जाएगी।


