IIT Kanpur में शोध स्टाफ सदस्य का शव फंदे पर लटका मिला, हॉस्टल के दरवाजे को तोड़कर घुसी पुलिस

IIT Kanpur में शोध स्टाफ सदस्य डॉ. पल्लवी चिल्का का शव फंदे पर लटका मिलने से हड़कंप।

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न्यूजलिंक हिंदी, कानपुर। कानपुर आईआईटी में कार्यरत एक शोध स्टाफ सदस्य का शव हॉस्टल के कमरे में लटका मिलने से हड़कंप मच गया। गेट न खोलने पर सफाई कर्मचारी ने खिलड़ी से झांका तो उसके होश उड़ गये। शोध स्टाफ सदस्य कमरे के पंखे से रस्सी के सहारे लटकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने कमरे की जांच पड़ताल करने के बाद घटना की जानकारी परिजनों को दी। जिससे कोहराम मच गया। प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात सामने आई है।

मूलरूप से उड़ीसा के कटक सेक्टर 10 सीडीए निवासी मधुसूदन शेट्टी की 35 वर्षीय बेटी डॉ. पल्लवी चिल्का कानपुर आईआईटी में शोध स्टाफ सदस्य पद पर एक अगस्त से कार्यरत थीं। पल्लवी पिछले हफ्ते 15 दिसंबर को ही परिसर में स्थित आर्य टावर के रूम नंबर एस 221 में शिफ्ट हुई थीं। मंगलवार को कमरे की सफाई करने पहुंचे कर्मचारी ने दरवाजा खटखटाकर कई आवाजें दी। लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला। जिस पर सफाई कर्मचारी ने खिड़की से झांक कर देखा, तो पल्लवी का शव फंदे से लटक रहा था।

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जिस पर उसके होश उड़ गए। वह आनन-फानन भागता हुआ हॉस्टल अधीक्षक के पास पहुंचा और घटना के बारे में जानकारी दी। जिस पर हॉस्टल अधीक्षक अतिकुर रहमान की सूचना पर पहुंची पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। इसके बाद साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर फोरेंसिक टीम को बुला लिया। इस दौरान टीम ने पूरे कमरे की बारीकी से जांच की। इस संबंध में कल्याणपुर इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पारिवारिक जनों के आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि मृतका के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है

आईआईटी कानपुर का बयान: आईआईटी कानपुर गहरे दुख के साथ संस्थान के जैविक विज्ञान और बायोइंजीनियरिंग विभाग में एक शोध स्टाफ सदस्य, डॉ. पल्लवी चिल्का के असामयिक और दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर शोक व्यक्त करता है। एक होनहार युवा शोधकर्ता, डॉ. चिल्का, अपने पोस्टडॉक्टरल शोध को आगे बढ़ाने के लिए संस्थान में शामिल हुईं। वह 19 दिसंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाई गई थी। पुलिस की एक फोरेंसिक टीम ने मौत के कारण की समीक्षा करने के लिए परिसर का दौरा किया। संस्थान मौत का संभावित कारण निर्धारित करने के लिए पुलिस जांच का इंतजार कर रहा है। डॉ. चिल्का के निधन से संस्थान ने एक प्रतिभाशाली और होनहार युवा शोधकर्ता खो दिया।

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