दो दिन में भारत से जुड़े दो तेल टैंकरों पर ड्रोन हमले, भारत के लिए बड़ा खतरा बने हूती विद्रोही

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार सुबह लाल सागर में एक और तेल ले जा रहे जहाज को निशाना बनाया है।

0
298

न्यूज़लिंक हिंदी। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार सुबह लाल सागर में एक और तेल ले जा रहे जहाज को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि लाल सागर में एक भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर पर हूती आतंकवादियों द्वारा दागे गए एक हमलावर ड्रोन ने हमला किया था। एस सेंट्रल कमांड ने एक्स, पूर्व में ट्विटर पर कहा कि गैबॉन के स्वामित्व वाले टैंकर एमवी साईबाबा ने किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी, लेकिन क्षेत्र में एक अमेरिकी युद्धपोत को इमरजेंसी कॉल भेजा गया है। यह हमला भारतीय तट पर एक और टैंकर पर हमले के एक दिन बाद हुआ, जिसका आरोप अमेरिका ने ईरान पर लगाया था।

दो जहाजों पर साधा गया था निशाना
दो जहाजों ने दक्षिणी लाल सागर में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसैनिक जहाज को सूचित किया था कि उन पर हमला हो रहा है. अमेरिकी सेना ने कहा कि उनमें से एक, नॉर्वे का झंडा लगे और स्वामित्व वाले एम/वी ब्लामेनन नामक रासायनिक टैंकर ने सूचना दी कि हूतियों द्वारा छोड़ा गया ड्रोन उनके बेहद करीब से गुजरा है। वहीं, जिस जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है वो एम/वी साईबाबा है।

ये भी पढ़े : UP News : अमरोहा में दर्दनाक हादसा हाईवे पर कार ने बाइक को ओवर टेक करते हुए खंभे से टकराई,हुई प्रधान समेत तीन की मौत

भारत के समुद्री व्यापार पर सीधा असर
पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुणायत ने एक इंटरव्यू में लाल सागर और अरब सागर क्षेत्र में जारी तनाव का भारत के ऊपर असर को समझाया। उन्होंने कहा कि भारत का लगभग 20% व्यापार लाल सागर मार्ग से होता है, इसलिए इसका सीधा प्रभाव पड़ने वाला है। भारत को भी रूसी तेल मिलता रहा है और वह भी उसी मार्ग का उपयोग करता है और इसलिए परिवहन, बीमा और देरी से लागत काफी हद तक प्रभावित होने वाली है। इसलिए लाल सागर में तनाव का भारतीयों के दैनिक जीवन के विभिन्न उत्पादों पर बुरा प्रभाव पड़ने वाला है।

कई शिपिंग कंपनियों ने आवाजाही रोकी
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस समय लाल सागर के हालात से चिंतित है क्योंकि यूरोप से एशिया तक होने वाला लगभग 40% व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसीलिए भारत समुद्री सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दे रहा है। लाल सागर में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी कार्गो शिपिंग कंपनियों मेर्स्क, एमएससी और सीजीएम ने इस क्षेत्र में अपनी सर्विसेज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कुछ शिपिंग कंपनियां यूरोप से एशिया आने के लिए अफ्रीका का चक्कर लगाने को मजबूर हो रही हैं।

ये भी पढ़े : ऋतिक रोशन और सुजैन खान के बड़े बेटे रेहान का विदेश के म्यूजिक कॉलेज में स्कॉलरशिप से हुआ एडमिशन

अरब सागर में भी हुआ जहाज पर हमला
बता दें कि शनिवार को भारत के तट पर एक व्यापारिक जहाज पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले को लेकर पेंटागन की और से अब एक बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि ये ड्रोन ईरान से लॉन्च किया गया था। मोटर जहाज केम प्लूटो, एक लाइबेरिया-ध्वजांकित, जापानी-स्वामित्व वाला और नीदरलैंड-संचालित रासायनिक टैंकर पर स्थानीय समयानुसार लगभग 10 बजे हिंद महासागर में संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ था। जिस समय इसपर हमला हुआ था। ये भारत के तट से 200 समुद्री मील दूरी पर था। जहाज के चालक दल में 21 भारतीय शामिल थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here