कानपुर में रामलला के चरणों में चढ़े फूलों से बनेगी अगरबत्ती, प्राण प्रतिष्ठा के बाद फूलों को उठाने की प्रक्रिया होगी शुरू

रामलला के चरणों में चढ़ने वाले फूलों से अब कानपुर में अगरबत्ती-धूपबत्ती बनेगी। ऐसा संभव होगा IIT से इंक्यूबेटेड स्टार्टअप कंपनी फूल की मदद से। इसके लिए कंपनी का मंदिर कमेटी से करार हो गया है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। रामलला के चरणों में चढ़ने वाले फूलों से अब कानपुर में अगरबत्ती-धूपबत्ती बनेगी। ऐसा संभव होगा IIT से इंक्यूबेटेड स्टार्टअप कंपनी फूल की मदद से। इसके लिए कंपनी का मंदिर कमेटी से करार हो गया है। 22 जनवरी को होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के बाद से फूलों को उठाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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IIT कानपुर के इंक्यूबेशन सेल से इंक्यूबेटेड कंपनी फूल धार्मिक स्थलों से फूलों को एकत्र कर उससे धूपबत्ती और अगरबत्ती तैयार करती है। उनका यह स्टार्टअप विश्व भर में अपनी पहचान बना चुका है। धूपबत्ती और अगरबत्ती तैयार करने के अलावा कंपनी ने लेदर का विकल्प फ्लेदर भी तैयार किया है।

इससे आने वाले समय में धार्मिक स्थलों पर पहनने के लिए चप्पल तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा कई बड़ी ब्रांडेड कंपनी ने भी फ्लेदर को अपना लिया है। कंपनी शहर के अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ, वाराणसी, बोधगया में भी फूलों को एकत्र करने का काम कर रही है।

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अयोध्या के भी कुछ मंदिरों जैसे हनुमान गढ़ी, नागेश्वर नाथ मंदिर, अम्माजी मंदिर, स्वामी नारायण मंदिर से फूलों को एकत्र किया जा रहा है। कंपनी के संस्थापक अंकित अग्रवाल ने बताया कि अब अयोध्या के मंदिरों से फूलों को उठाकर अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए करार हो चुका है। अयोध्या में कंपनी के प्लांट में रोज 700 किलोग्राम फूलों को रोजाना रिसाइकिल किया जाता है।

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