इटावा महोत्सव में B Praak के लाइव परफॉर्मेंस के दौरान भीड़ बेकाबू, 5 हजार की जगह 15 हजार पहुंचे लोग

इटावा महोत्सव में बॉलीवुड सिंगर बी प्राक के लाइव परफॉर्मेंस के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। दरअसल शनिवार रात कार्यक्रम में गेट से एंट्री नहीं मिली तो हजारों लड़के-लड़कियां दीवार फांदकर अंदर घुस गए।

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न्यूज़लिंक हिंदी। इटावा महोत्सव में बॉलीवुड सिंगर बी प्राक के लाइव परफॉर्मेंस के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। दरअसल शनिवार रात कार्यक्रम में गेट से एंट्री नहीं मिली तो हजारों लड़के-लड़कियां दीवार फांदकर अंदर घुस गए। हालात यह हो गए कि भीड़ मैनेज करने में पुलिस के पसीने छूट गए। लाठी पटककर और धक्का देकर पुलिस ने लोगों को बाहर निकाला। फिर भी हालत काबू में नहीं आए।

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मजबूरन SSP संजय कुमार को मोर्चा संभालना पड़ा। वह भीड़ के बीच में उतर आए। शांत रहने की अपील की। तब भी बात नहीं बनी। इसके बाद एसएसपी ने मंच की तरफ इशारा किया। डेढ़ घंटे में ही कार्यक्रम को खत्म कर दिया गया। पंडाल में भागम-भाग जैसी स्थिति रही। पुलिसकर्मी कभी डंडा दिखाते तो कभी समझाते नजर आए। बी प्राक ने भी फैंस को समझाया, लेकिन बात नहीं बनी। प्रशासन को उम्मीद नहीं थी कि इतनी भीड़ पहुंच जाएगी। इसलिए, सारे इंतजाम धाराशायी हो गए।

5 हजार की जगह 15 हजार लोग पहुंचे
इटावा में महोत्सव का आयोजन 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक होना है। शनिवार को म्यूजिकल नाइट में तेरी मिट्टी में मिल जावां और सबकुछ मिटा देंगे… फेम सिंगर बी प्राक का परफॉर्मेंस था। शाम 5 बजे से ही पंडाल फुल जैसा हो गया। रात होते-होते भीड़ इतनी बढ़ गई कि कंट्रोल करना मुश्किल हो गया। सिर्फ इटावा नहीं, बल्कि बी प्राक को देखने-सुनने आगरा, कानपुर, औरैया, मैनपुरी समेत कई जिलों से फैंस पहुंच गए। 5 हजार की क्षमता वाले पंडाल में 15 हजार लोग पहुंच गए। आधे से ज्यादा लोग खड़े थे। अव्यवस्था इस कदर रही भीड़ के दबाव में पंडाल में कुर्सियां तक टूट गईं। सिर्फ अंदर नहीं, बल्कि पंडाल के बाहर भी हजारों की तादाद में युवा डटे रहे।

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4 हजार कुर्सियां लगाई थीं, 500 टूट गईं
महोत्सव में टेंट ठेकेदार रूप किशोर अग्रवाल ने बताया है कि करीब 500 कुर्सियां टूट गई हैं। अभी पूरी तरह नुकसान का आंकलन नहीं किया है। 4 हजार से अधिक कुर्सियां पंडाल में लगाई गई थीं। वहां पांच हजार के बैठने की जगह थी। इसके अलावा वीआईपी के लिए सोफे रखे गए थे। कुर्सी कितनी टूटी, इस बात की गिनती महोत्सव समाप्त होने पर पता चल सकेगी। मेरे अनुमान से करीब 25 हजार लोगों का जमावड़ा पंडाल और उसके बाहर था। भीड़ को बढ़ता देख पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसलिए देर रात तक चलने वाला कार्यक्रम डेढ़ घंटे में ही खत्म करवाया गया।

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