प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान का आज चौथा दिन, राम मंदिर में होगी यज्ञ अग्नि कुंड की स्थापना, इस विधि से होगा अग्नि का प्रज्वलन

अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां लगभग अपने आखिरी चरण में हैं। बीते 16 जनवरी से प्राण- प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू हो चुका है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान भी चल रहा है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां लगभग अपने आखिरी चरण में हैं। बीते 16 जनवरी से प्राण- प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू हो चुका है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान भी चल रहा है। तो वहीं आज यानी 19 जनवरी को राम मंदिर में यज्ञ अग्निकुंड की स्थापना की जाएगी। एक खास विधि से अग्नि का प्रज्वलन किया जाएगा। तो चलिए आज का पूरा कार्यक्रम आपको बताते हैं-

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खास विधि से होगाअग्नि यज्ञ स्थापित
आज 19 जनवरी 2024 को राम मंदिर में यज्ञ अग्निकुंड की स्थापना की जाएगी। एक खास विधि से अग्नि का प्रज्वलन किया जाएगा। राम मंदिर में यज्ञ अग्नि कुंड की विशेष अनुष्ठान द्वारा स्थापना की होगी। इसके लिए राम मंदिर में यज्ञ अग्नि कुंड तैयार किया गया था। इसमें पुजारी वैदिक मंत्रों का पालन करके और अन्य विशेष तरीकों का उपयोग करके अग्नि को प्रज्वलित करेंगे।

इस यज्ञमंडप में अग्निदेव का प्रकट्य अरणि मंथन से होगा। साथ ही आज वास्तु शांति के लिए भी खास पूजन किया जाएगा। इस यज्ञमंडप में 18 कलश स्थापित किए जाएंगे और सूत्त्क का परायण भी होगा। ऐसा कहा जाता है कि भगवान का मुख अग्नि रूप है। विश्व के पालनहार भगवान विष्णु व संपूर्ण संसार को जीवंत करने वाले 33 करोड़ देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ में अग्नि कुंड में स्थापित किया जाता है।

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क्यों की जाती है यज्ञ अग्नि कुंड की स्थापना?
धार्मिक शास्त्रों में कहा गया है कि यज्ञ अग्नि कुंड स्थापित करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और साथ ही आस-पास से की नकारात्मक ऊर्जाएं दूर हो जाती हैं। यज्ञ में कई तरह की जड़ी-बूटियां मिली हुई होती हैं जिसे अग्नि में जलाने से वातावरण में मौजूद विषाणु नष्ट हो जाते हैं। अग्नि कुंड के धुएं से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियां भी दूर भागती हैं।

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