न्यूज़लिंक हिंदी। भारत सरकार ने अंतरिम बजट से ठीक पहले एक बड़ी घोषणा की है जो कि मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। दरअसल भारत सरकार ने मोबाइल फोन के प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स-पार्ट्स पर आयात शुल्क में कटौती की है। मोबाइल पार्ट्स पर अब आयात शुल्क 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। ऐसे में 50 हजार रुपये वाले स्मार्टफोन की कीमत 7500 रुपये घट जाएगी, जबकि 1 लाख रुपये वाले स्मार्टफोन की कीमत में 15 हजार रुपये की कटौती हो जाएगी।
Government of India slashes import duty on key components used in the production of mobile phones. The import duty has been reduced from 15 per cent to 10 per cent. pic.twitter.com/22CIz9Qoch
— ANI (@ANI) January 31, 2024
क्या होगा इसका फायदा?
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक मोबाइल फोन के पार्ट्स पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी जैसे बैटरी, मेन लेंस और अन्य मैटेरियल आइटम जैसे प्लास्टिक और मेटल की कीमत में 10 फीसद की कटौती हो सकती है। हालांकि सवाल उठता है कि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए यह कदम कैसे फायदेमंद रहेगा? तो बता दें कि भारत में स्मार्टफोन की लागत कम होने से एक्सपोर्ट बढ़ेगा। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में इजाफा होगा। इससे भारत में नए रोजगार पैदा होंगे, जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सही कदम होगा।
भारत में बनते हैं ज्यादातर स्मार्टफोन
रिपोर्ट की मानें, तो सरकार की तरफ से मोबाइल फोन और उसके पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाने से हाई एंड स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आएगी। साथ ही ऐपल, सैमसंग, वीवो और ओप्पो के स्मार्टफोन की कीमत घट सकती है। रिपोर्ट की मानें, तो भारत में बिकने वाले 99.2 फीसद मोबाइल फोन देश में ही बने होते हैं। भारत का स्मार्टफोन निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 100 प्रतिशत बढ़कर 11.1 बिलियन डॉलर हो गया। हालांकि भारत सरकार इस नंबर में ज्यादा इजाफा करने की उम्मीद में है।

