न्यूज़लिंक हिंदी, राजस्थान। शुक्रवार को शिव बारात के दौरान 16 बच्चे करंट लगने से घायल हो गए। इनमें एक बच्चा 100 फीसदी तक झुलस गया। अन्य पांच बच्चे 50 फीसदी तक झुलसे हैं। इनका इलाज कोटा के एमबीएस अस्पताल में चल रहा था। लेकिन इनमें से पांच बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद रात को इन्हें जयपुर शिफ्ट कर दिया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे के घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को उचित निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार ने घटना की जांच के लिए कमेटी भी बना दी है।
बचाने का प्रयास करने वाले अन्य बच्चे भी झुलस गए
कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि घटना शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े 11 बजे से 12 बजे के बीच उस समय हुई, जब शिव बारात कालीबस्ती से गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि यात्रा में शामिल एक लड़के ने 22 फुट लंबी लोहे की छड़ पकड़ रखी थी जो ऊपर से गुजर रहे ‘हाई-टेंशन’ तार के संपर्क में आ गयी। छड़ के ऊपर एक झंडा भी लगा हुआ था। जिस बच्चे ने झंडा पकड़ा हुआ था, वह 100 फीसदी तक झुलस गया, वहीं उस बच्चे को बचाने का प्रयास करने वाले अन्य बच्चे भी झुलस गए।
चार बच्चे बर्न आईसीयू में भर्ती
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ अचल शर्मा ने बताया कि बच्चों की हालत नाजुक है। एक बच्चा करीब सौ फीसदी झुलस चुका है। जो बहुत ज्यादा सीरियस कंडीशन में है। जिसका इलाज न्यूरो सर्जिकल आईसीयू में चल रहा है। इसके अलावा चार बच्चे बर्न आईसीयू में भर्ती है। इनमें से दो बच्चे 55 फीसदी से ज्यादा झुलसे हुए है। एक बच्चा 45 फीसदी से ज्यादा और एक बच्चा करीब 35 फीसदी तक झुलसा हुआ है। इन सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
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