न्यूज़लिंक हिंदी। कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के संगठन पर प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है। सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि ‘जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ पांच साल की अवधि के लिए एक ‘गैरकानूनी संगठन’ होगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंक और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में शामिल है।
अमित शाह ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर कोई देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देगा तो उसे कठोर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
शाह ने कहा, मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का एलान किया है। यासीन मलिक गुट को अगले पांच साल की अवधि के लिए गैरकानूनी संगठन के रूप में नामित किया गया है। जम्मू कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग ने आतंकवाद के जरिए जम्मू कश्मीर को अलग थलग करने और उसे बढ़ावा देकर भारत की अखंडता के लिए खतरा पैदा किया है।
बता दें, गृह मंत्रालय ने 2019 में आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत मलिक के संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस कदम से कुछ दिन पहले, सरकार ने यूएपीए की धारा 3(1) के तहत जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ये भी पढ़ें : New Delhi: सीएम अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी जमानत, जानें पूरा मामला

