न्यूज़लिंक हिंदी। हर साल की तरह इस साल भी हज की लिए मुसाफिर सऊदी जायेगे, लकिन इस साल के हज के लिए कई देशों से तीर्थयात्रियों सऊदी पहुंचने लगे हैं। हाजियों का पहला ग्रुप गुरुवार को सऊदी अरब पहुंचा। पहले जत्थे में भारत के भी लगभग 283 लोग शामिल थे।
पहले जत्थे का मदीना में प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट पर सऊदी सरकार में मंत्री सालेह बिन नासिर अल जस्सर और अब्देल फत्ताह ने स्वागत किया। सऊदी में भारत के राजदूत सुहेल अजाज खान भी भारतीय हाजियों के स्वागत के लिए एयरपोर्ट भी पहुंचे। सऊदी अरब में भारतीय मिशन ने भारतीय तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार होने की बात कही है।
इस साल सऊदी सरकार ने कई नियम बदले हैं, जिससे एक तरफ हाजियों को सुविधा तो होगी तो चूक होने पर जुर्माना भी लग सकता है। सऊदी अरब ने बिना परमिट के बिना हज करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्ती करते हुए घोषणा की है कि बिना परमिट के लोगों को हज करने वाले व्यक्ति पर 50 हजार रियाल यानि करीब 11 लाख भारतीय रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने की जेल भी हो सकती है। अधिकारियों ने कहा है कि जुर्माना निवासियों और आगंतुकों दोनों पर लागू होगा। सजा पूरी होने के बाद ऐसा करने वालों को 10 साल के लिए देश से पूर्ण रूप से निष्कासित भी किया जाएगा। ऐसे लोगों के 10 साल तक देश में दोबारा प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके साथ ही सऊदी अरब सऊदी हज मंत्रालय ने हज के सीजन के दौरान पाक जगहों में एंट्री देने के लिए तीर्थयात्रियों के लिए आधिकारिक तौर पर नुसुक कार्ड भी लॉन्च किया है। नुसुक कार्ड में सभी हाजियों को दिया जाएगा ताकि फर्जी तरीके से किसी को पाक जगह में एट्री से रोका जाएगा। इतना ही नहीं मक्का में एंट्री के लिए भी परमिट की भी जरूरत होगी, बिना परमिट मक्का में एंट्री बिल्कुल नहीं मिल पाएगी।

