न्यूजलिंक हिंदी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को रायबरेली, फतेहपुर और बांदा में अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्था मिलने पर उन्होंने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए जांच के निर्देश दिए।
बछरावां, रायबरेली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण के दौरान उन्हें चारों तरफ गंदगी देखने को मिली जिससे उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने अधीक्षक को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यह अस्पताल है या बूचड़खाना। ओपीडी में चिकित्सक नदारद थे। मरीजों की शिकायत पर उन्होंने अधीक्षक से पूछताछ की।
उपस्थिति रजिस्टर देखा तो 11 कर्मचारी नदारद मिले। इस पर उन्होंने गैर हाजिर कर्मचारियों का वेतन काटने का निर्देश दिया। फतेहपुर के जिला अस्पताल में गंदगी, मरीज के बेड पर पड़ी चादर पर खून का दाग और बिजली के खुले तारों को लेकर सीएमएस को फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्था को दुरुस्त करने का आदेश दिया।
कुछ तीमारदारों ने बाहर की दवा लिखने की शिकायत की, जिस पर डिप्टी सीएम ने सीएमएस से जवाब मांगा तो सही उत्तर नहीं दे सके। उप मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ से फतेहपुर होते हुए महोबा जा रहे थे। फतेहपुर सर्किट हाउस में रुकने के बाद अचानक उनका काफिला जिला अस्पताल पहुंच गया।
उन्होंने सीधे भर्ती मरीजों से मिलकर जिला अस्पताल में मिल रहे इलाज के बारे में जानकारी की। सीएमओ, सीएमएस भी मौके पर पहुंच गए। ओपीडी और जगह-जगह खुले बिजली के तारों को देखकर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने सीएमएस को फटकार लगाई।

सोशल मीडिया पर चलाया लाइव वीडियो
दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बांदा मटौंध में सड़क किनारे स्थित नवीन पीएचसी का औचक निरीक्षण किया तो वहां की अव्यवस्थाएं देखकर उनका पारा चढ़ गया। डिप्टी सीएम व विभागीय मंत्री के भ्रमण के दौरान जिले के सीएमओ उनके साथ नहीं थे।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर पूरा वीडियो भी लाइव किया है। स्वास्थ्य केंद्र में मात्र एक स्टाफ नर्स पुष्पा ही मिलीं। उन्होंने अपने सहायक से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फोन मिलवाया और फटकारा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव से स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ की जानकारी मांगी तो वह भी उपलब्ध नहीं करा सके। नर्स पुष्पा ने बताया कि यहां उनके अलावा रुचि, रेनू गुप्ता और अमिता चार स्टाफ नर्स तैनात हैं। डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर हालत पर नाराजगी जाहिर की।

