न्यूज़लिंक हिंदी। 150 साल पुराने ऐतिहासिक गंगापुल का एक हिस्सा टूट गया। यह पुल अंग्रेजों के जमाने में बना था और इसकी अनूठी वास्तुकला के लिए जाना जाता था।
पुल के ढहने से इलाके में बहुत ही ज्यादा हड़कंप मच गया है। कई फिल्म की शूटिंग इस पुल पर हुई है। कानपुर कनकैया नीचे बहती गंगा मैया यह प्रसिद्ध लाइन इसी पुल को लेकर कही गई थी। कानपुर से उन्नाव को वाया शुक्लागंज जोड़ने वाला पुराने गंगापुल का कानपुर की ओर कोठी से जुड़ा हिस्सा मंगलवार की सुबह ढह गया।
पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए करीब 2 साल पहले आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। स्कूल को संरक्षित करने की बात चल रही थी। लेकिन इसे तोड़ा जाएगा या संरक्षित किया जाएगा इसे लेकर अब तक कोई फैसला भी नहीं हो सका है। अंग्रेजों के जमाने का यह पुल काफी चर्चित रहा है। इसमें पैदल यात्रियों के चलने के लिए नीचे रास्ता बना था जबकि ऊपर गाड़ियां दौड़ती थी।
कानपुर छोर की ओर पुराने गंगापुल की नौ व दस नंबर कोठी के बीच का हिस्सा गिरा भोर पहर गंगा नदी में गिर गया। गंगा स्नान करने पहुंचे लोगों ने जब गिरे हुए पुल के हिस्से को देखा तो अफरा तफरी भी मच गई। मौके पर अबतक किसी विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
अधिशासी अभियंता मुकेश चंद्र शर्मा ने तत्कालीन डीएम कानपुर आलोक तिवारी को रिपोर्ट भी दी थी कि शुक्लागंज का पुराना गंगापुल अब यातायात के लायक बिल्कुल भी नहीं बचा है। जिस पर डीएम ने उसे बंद करा दिया था। यह पल दो मंजिला था। नीचे पैदल यात्री व साइकिल सवार चलते थे, जबकि ऊपर गाड़ियां दौड़ती थी।

