लेबर कालोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक मिलेगा या नहीं? इस सवाल से 18 क्वार्टर में रहने वाले परिवार परेशान हैं। गुरुवार को लखनऊ बापू भवन में उत्तर प्रदेश परामर्श दात्री समिति श्रम मंत्रालय की बैठक हुई जिसमें विशेष सचिव श्रम के प्रस्ताव पर गर्मागर्मी हो गई। उन्होंने कहा कि पहले खाली पड़ी हुई जगह पर कमर्शियल स्पेस बना लिया जाए और फिर मूल आवंटी और उसके बाद सिग्मी लोगों और उसके बाद बड़े लोगों के काबिज मकान को अलग-अलग दर पर उन्हें आवंटन करने की पॉलिसी बनाई जाए। उन्होंने आगे कहा कि या फिर पहले खाली पड़े हुए पार्क व अन्य स्थलों पर अपार्टमेंट की तर्ज पर फ्लैट बनाया जाए और उनका आवंटन करके तब इस कॉलोनी को डिमोलिश कर दिया जाये और दोबारा इसका निर्माण कर जो जिस श्रेणी में आता हो उनको उनकी पात्रता के आधार पर निर्माण कराने के बाद आवंटन किया जाए।


