ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका फिर से बातचीत शुरू करना चाहता है, तो उसे ईरान पर आगे किसी भी हमले की संभावना से पूर्ण रूप से साफ़ इनकार करना होगा।
और साथ ही मजीद तख़्त-रवांची ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों के ज़रिए ईरान को ये भी बताया है कि वह बातचीत में लौटना भी चाहता है।
लेकिन वार्ता के दौरान और हमले नहीं करने के अहम मुद्दे पर अमेरिका ने अभी तक अपना रुख़ भी साफ़ नहीं किया है।
और इसके अलावा 13 जून को ईरान के ख़िलाफ़ इसराइल की सैन्य कार्रवाई भी शुरू हुई थी, जिससे मस्कट में दो दिन बाद होने वाली अप्रत्यक्ष बातचीत का छठा दौर भी रुक गया।
और पिछले हफ्ते अमेरिका सीधे इसराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में तब शामिल भी हुआ, जब उसने बमबारी कर ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना भी बनाया गया।
और साथ ही तख़्त-रवांची ने यह भी कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पर लगातार ज़ोर देता रहेगा। और उन्होंने परमाणु बम बनाने की तैयारी के आरोपों को मुख्य रूप से ख़ारिज भी कर दिया गया हैं।