उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद इस धार्मिक यात्रा को असामाजिक तत्वों से बचाने के लिए अब विश्व हिन्दू परिषद ने भी अपनी कवायद शुरू कर दी है।
और साथ ही विहिप ने फैसला किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान वह मुख्य मार्गों पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तैनात करेगा जो बाहरी तत्वों पर अपनी नजर भी रखेंगे।
विहिप का दावा है कि इससे पुलिस को भी इस यात्रा को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
साथ ही विहिप के मुताबिक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर भंडारा, स्वास्थ्य शिविर, सेवा केंद्र और शयन केंद्रों बनाने को कहा गया है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कांवड़ यात्रा पर नजर रखने और शामिल होने वाले बाहरी तत्वों की पहचान कर पुलिस को अवगत कराने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह से संयमित रहने का कहा गया है।इसके अलावा विहिप ने यह कदम सीएम योगी के उस बयान के बाद उठाया है ।
जिसमें उन्होंने सामाजिक संगठनों से आग्रह किया था कि वह इस धार्मिक यात्रा के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह से नजर रखें और इसको लेकर यदि कोई सूचना मिलती है ।
तो तत्काल प्रशासन को बताएं। योगी ने यह भी कहा था कि इस धार्मिक यात्रा को बदनाम करने साजिश भी की जा रही है। और इसलिए हमें इस बार ज्यादा अलर्ट रहना होगा ।
और इसमें कांवड़ संघों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी अपना दायित्व भी निभाना चाहिए। साथ ही विहिप का मानना है कि कावंड यात्रा का माहौल बिगाड़ने की कोशिश लगातार जारी है।
और फिर उत्तर प्रदेश से पहले उत्तराखंड सरकार ने भी कावंड यात्रा के दौरान माहौल खराब करने वालों को चिन्हित करने के लिए ऑपरेशन कालनेमी चलाया था जिसके तहत लगभग 300 लोगों को हिरासत में भी लिया जा चुका है।