अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अब ये कहा है कि इसराइल पर कानूनी दायित्व है कि वह संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों को ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने की पूर्ण अनुमति दे दी हैं।
साथ ही अदालत ने अपनी एडवाइज़री में ये भी कहा कि ग़ज़ा के फ़लस्तीनी नागरिकों को भोजन, पानी, दवा और आश्रय जैसी बुनियादी ज़रूरतें मुहैया कराना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत इसराइल की पूर्ण ज़िम्मेदारी है।
और फिर आईसीजे ने यह भी कहा कि इसराइल अपने आरोप को साबित भी नहीं कर पाया कि फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी निष्पक्ष नहीं है या उसके कर्मचारी हमास जैसे सशस्त्र समूहों से जुड़े हुए भी हैं।
और फिर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अदालत के फैसले को बहुत महत्वपूर्ण बताया।
और ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसराइल इस राय का सम्मान करेगा और मानवीय सहायता में लगाए गए अवरोधों को पूर्ण रूप से हटाएगा।
हालांकि, इसराइल ने आईसीजे की राय को राजनीतिक और पक्षपातपूर्ण बताते हुए मुख्य रूप से खारिज भी कर दिया गया।
और फिर इसराइली सरकार ने दोहराया कि वह संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के साथ सहयोग बिल्कुल भी नहीं करेगी।
और फिर जिसे जनवरी 2024 में यह आरोप लगाते हुए उसने प्रतिबंधित भी किया था कि उसके कुछ कर्मचारी “7 अक्तूबर 2023 के हमलों में पूर्ण रूप से शामिल भी थे।