हीट वेव की चेतावनी को देखते हुए ही सभी सरकारी अस्पतालों में कोल्ड रूम बना दिए गए हैं। हैलट में कोल्ड रूम के दो वार्ड बनाए गए हैं।
फिर वहीं, केपीएम, उर्सला और कांशीराम में 10-10 बेड का कोल्ड रूम और स्वास्थ्य केंद्रों में चार-चार बेड के कोल्ड रूम बनाए गए हैं।
फिर लू की चपेट में आए रोगियों को कोल्ड रूम में रखकर इलाज किया जाएगा,इसके साथ ही हैलट में दो कोल्ड रूम बनाए गए हैं।
इनमें एक बालरोगियों और दूसरा वयस्क रोगियों के लिए बनाया गया है।फिर कोल्ड रूम में दवाओं की सारी व्यवस्था भी कर दी गई है।
और फिर कोल्ड रूम हैलट के मेटरनिटी ब्लॉक के दूसरे और तीसरे तल पर बनाए गए हैं।
और फिर दूसरे तल पर वयस्क रोगियों के लिए बने कोल्ड रूम में 12 बेड हैं। हीट स्ट्रोक के कारण रोगी मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति में भी जा सकता है।
इसके लिए सारी दवाएं मुहैया भी करा दी गई हैं। इसके साथ ही विभिन्न विशेषज्ञों की देखरेख में लू लगने के रोगी का इलाज किया जाएगा।
और फिर कोल्ड रूम में फ्रीजर उपलब्ध हैं। फिर इनमें कोल्ड आइस पैक, ठंडे तौलिया, फ्लुइड आदि की व्यवस्था रखी गई है।
लू का रोगी आने पर उन्हें सीधे कोल्ड रूम में शिफ्ट कराया जाएगा। और फिर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अभी लू का कोई रोगी नहीं आया है।
इसके अलावा केपीएम अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके शुक्ला ने बताया कि हमारे अस्पताल के लगभग सभी वॉर्डों में एसी लगा हुआ है, लेकिन फिर भी हमने दस बेड अलग से आरक्षित किए हैं।
और फिर दवाएं भी हमारे यहां पर्याप्त मात्रा में हैं। कांशीराम अस्पताल में दस बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है।
सीएमएस डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि वॉर्ड में एसी लगे हैं और पानी का भी इंतजाम है।
इसके साथ ही सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि सभी जगहों पर एक ओआरएस डेस्क बनवाई है।
जिससे अगर कोई गर्मी और धूप के चलते बीमार होकर अस्पताल तक आता है तो तुरंत ही उसे ओआरएस का घोल भी उपलब्ध कराया जा सके।