अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान के साथ जारी 2 हफ्ते के सीजफायर को खत्म होने के ठीक पहले ही आगे बढ़ा दिया है।
फिर सबकी नजर इस्लामाबाद की ओर थी जहां ट्रंप ने दूसरे दौर की शांति वार्ता बुलाई थी।
लेकिन ईरान पहुंचा ही नहीं, अब ट्रंप ने शांति वार्ता को अधिक समय देने के लिए ईरान के साथ अमेरिकी सीजफायर को बढ़ा दिया है।
और फिर डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान के साथ सीजफायर को तब तक बढ़ाएंगे जब तक दोनों देशों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ जाती।
फिर उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक ईरान की तरफ से एकीकृत प्रस्ताव अमेरिका के सामने ही पेश नहीं किया जाता, सीजफायर लगातार जारी रहेगा।
और साथ ही अमेरिकी नौसेना की तरफ से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी भी जारी रहेगी।
इसके साथ ही भले ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने के लिए इस पूरे शांति वार्ता में पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ की तरफ से हुई कथित गुजारिश को वजह बताया हो
। लेकिन 5 संकेत हैं जो बताते हैं कि ईरान ने अपनी शर्तों पर ट्रंप को एक बार फिर यू-टर्न लेने पर मजबूर भी कर दिया है।
और फिर ट्रंप ने एकतरफा घोषणा कर दी थी कि सोमवार या मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांतिवार्ता होगी।
लेकिन ईरान ने एक बार भी इसकी पुष्टि नहीं की कि उसका कोई प्रतिनिधि भी वहां जाएगा।
और फिर अमेरिका के अंदर फिर से ट्रंप पर ‘TACO’ होने का आरोप लगने लगा। फिर TACO मतलब ट्रंप ऑलवेज चिकन आउट यानी ट्रंप बार-बार आखिर में आकर झुक जाते हैं और पीछे भी हट जाते हैं।
और फिर पूरे ईरान जंग के बीच यही देखने को मिला। फिर इसके अलावा माल की बात है कि ईरान ने तो ट्रंप की ओर से किए गए पहले सीजफायर की शर्तों को ही तोड़ दिया था।
और ट्रंप ने कहा था कि सीजफायर पर इस शर्त पर सहमति हुई। और ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल देगा, जो खाड़ी से तेल और दूसरे निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है।
फिर जब अमेरिका इस उम्मीद में बैठा था कि ईरान अपने प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान में वार्ता के लिए भेजेगा।
तब ईरान सेना अपनी राजधानी में अपनी ताकत भी दिखा रही थी, अमेरिका मुर्दाबाद के नारे भी लगा रही थी।
और अब ट्रंप के ऐलान के बाद की ईरान की प्रतिक्रिया को भी देखिए, फिर उसमें ईरान थोड़ा भी झुका नहीं नजर आ रहा।
और युद्धविराम की मियाद को बढ़ाने को लेकर ईरान ने बेमतलब ही कहा है। साथ ही ईरानी संसद के स्पीकर के सलाहकार ने सीजफायर की मियाद बढ़ाने पर कहा। और फिर ट्रंप के सीजफायर बढ़ाने का कोई मतलब भी नहीं है।