ताइवान ट्रैवलॉग ने जीत लिया इंटरनेशनल बुकर प्राइज़

0
46

ताइवान के भोजन और निषिद्ध प्रेम की कहानी पर अब आधारित उपन्यास ताइवान ट्रैवलॉग ने प्रतिष्ठित इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ जीत लिया है।

फिर इसके साथ ही यह पहली बार है जब मंदारिन चीनी से अनूदित किसी उपन्यास को यह सम्मान मिला है।

फिर यह उपन्यास ताइवानी लेखिका यांग शुआंग ज़ी और ताइवानी-अमेरिकी अनुवादक लिन किंग की मुख्य कृति भी है।

फिर यह कहानी 1930 के दशक के ताइवान की पृष्ठभूमि पर पूर्ण रूप से आधारित है, जब ये जापानी शासन के अधीन था।

फिर इसमें दो महिलाओं की ताइवान के विभिन्न व्यंजनों की यात्रा को भी दिखाया गया है। फिर यह उपन्यास को इस तरह पेश किया गया है।

कि मानो यह किसी भी पुराने यात्रा संस्मरण का अनुवाद हो, जिसमें काल्पनिक फुटनोट भी शामिल हैं।

इसके साथ ही 2020 में पुस्तक के प्रकाशित होने पर कई पाठकों को लगा था कि यह वास्तव में कोई ऐतिहासिक दस्तावेज भी शामिल है।

फिर जूरी पैनल की अध्यक्ष नताशा ब्राउन ने इसे बेहद आकर्षक और होशियारी से लिखा भी गया परिष्कृत उपन्यास भी बताया गया है।

लेकिन कहानी की मुख्य पात्र काल्पनिक जापानी लेखिका अओयामा चिजुको हैं, जो सरकारी प्रायोजित ताइवान यात्रा पर जाती हैं।

फिर उनके साथ ताइवानी अनुवादक ओ चिजुरु होती हैं, जिनसे उन्हें प्रेम भी हो जाता है।

और फिर उपन्यास इन दोनों पात्रों के माध्यम से ही प्रेम, संस्कृति, औपनिवेशिक इतिहास और सत्ता जैसे विषयों की पड़ताल भी करता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here