बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा के मौके पर अब अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप के नाम के एक दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी रुकवाई और उसे राजधानी के ही राष्ट्रीय चिड़ियाघर में रखने का मुख्य फैसला किया है।
फिर यह भैंसा एल्बिनो नामक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति से पीड़ित है। फिर जिसके कारण शरीर में ‘मेलेनिन’ रंगद्रव्य बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता है।
और फिर इस भैंसे के लहराते सुनहरे बाल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘सिग्नेचर हेयरस्टाइल’ से काफी मिलते-जुलते भी हैं फिर जिसके कारण इसका नाम ”डोनाल्ड ट्रंप” भी रखा गया है।
साथ ही पुलिस के अनुसार, सरकार के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को कुर्बानी दिए जाने से कुछ घंटे पहले ही इस 700 किलोग्राम वजनी भैंसे को कब्जे में ले लिया।
फिर इस भैंसे के मालिक मोनिरुज जमान ने बुधवार को संवाददाताओं से ये भी कहा, आज दोपहर पुलिसकर्मी आए।
और फिर ये भी कहा कि सरकार ने संरक्षण के लिए भैंसे को अपने कब्जे में लेने का मुख्य फैसला किया है। चूंकि हम सरकार के साथ कोई विवाद नहीं चाहते, इसलिए हमने उसे उन्हें सौंप दिया।
इसके अलावा जमान ने ये भी बताया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि सरकार या तो उन्हें मुआवजा देगी या उनकी भैंसे के बदले में एक और भैंसा, गाय या बैल उपलब्ध भी कराएगी।
फिर जमान ने ढाका के बाहरी इलाके केरानीगंज स्थित अपने घर पर कुर्बानी देने के लिए तीन दिन पहले इसे खरीदा भी था।
फिर केरानीगंज थाना प्रभारी रुहुल कुद्दुस ने ये भी कहा कि पशुधन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि भैंसे की उम्र काफी कम है और उसे कई और वर्षों तक पाला भी जा सकता है।
और फिर भैंसे के पूर्व मालिक एवं किसान जिया उद्दीन मृधा ने पहले ये भी कहा था कि उनके भाई ने भैंसे का नाम ”डोनाल्ड ट्रम्प” रखा था।
क्योंकि उसके असामान्य सुनहरे बाल अमेरिकी राष्ट्रपति के बालों से मिलते जुलते थे। फिर आगे उन्होंने बताया कि यह भैंसा बिकने से पहले ही आगंतुकों और सोशल मीडिया पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।
और फिर स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईद की कुर्बानी के लिए लाए गए हजारों पशुओं में यह ट्रंप नाम का भैंसा अपने सुनहरे बालों, रंग के कारण काफी अलग और आकर्षक भी लग रहा है।