बिहार के बांका, लखीसराय और जमुई जिलों में आसमान से बरसी आफत में ने ही ठनका की चपेट में आने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
जबकि 9 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। फिर मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं।
और इस हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख भी जताया है और सभी मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्देश भी दिया है।
फिर वहीं, नवादा जिले के रजौली में भी अचानक बदले मौसम के बीच धान की रोपनी कर रहे 3 मजदूरों की ठनका गिरने से जान भी चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है।
इसके साथ ही लखीसराय और जमुई जिलों में भी ठनका ने भारी तबाही मचाई है। फिर लखीसराय के चानन क्षेत्र अंतर्गत बन्नूबगीचा बहियार में धान रोपनी के दौरान मां, बेटी और गोतनी इसकी चपेट में आ गईं।
और जिनमें कोमल कुमारी (17), पुत्री सुरेंद्र यादव, और चाची रुदा देवी (50) की मौत हो गई, जबकि मां धनवंती देवी भी झुलस गईं।
फिर वहीं, संग्रामपुर के शिवडीह गांव की रहने वाली आंगनबाड़ी सहायिका अनुसूईया देवी (40), पत्नी अनिल पंडित, की बहियार में मौत भी हो गई।
फिर जमुई के सोनो प्रखंड स्थित गौरवामटिहाना गांव के सुपाड़ बहियार में खेत में काम कर रहीं सास-बहू पर ही बिजली गिर गई।
जिसमें 28 वर्षीय पूजा देवी की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि उनकी सास कविता देवी झुलस भी गईं।
इसके अलावा नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के अमावां पश्चिमी पंचायत अंतर्गत दरियापुर गांव के पास भी मंगलवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ने से भीषण हादसा भी हुआ।
फिर यहां खेत में धान की रोपनी कर रहे तीन प्रवासी मजदूरों की ठनका की चपेट में आने से मौत हो गई।
ये भी बता दें कि सभी मृतक सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव के रहने वाले थे, जिनकी पहचान राजेंद्र कुमार, इंदल प्रसाद के पुत्र इंद्रजीत कुमार और मणी कुमार के रूप में हुई है।
फिर ये सभी मजदूरी करने रजौली आए थे। और इस घटना में दो से तीन अन्य लोग भी झुलसे हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।