उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के 37 अधिकारियों के अब भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नति का रास्ता साफ भी हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में अब अधिकारियों के नामों पर सहमति भी बनी।
फिर अब यूपीएससी और केंद्र सरकार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन अधिकारियों की पदोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी भी की जाएगी।
फिर प्रोन्नति के लिए चयनित अधिकारियों में वर्ष 1997 बैच के हरिश्चंद्र, वर्ष 1999 बैच के प्रभूनाथ, वर्ष 2002 बैच की अंजू कटियार, वर्ष 2004 बैच के ही अमर पाल सिंह तथा वर्ष 2008 बैच के आलोक वर्मा भी शामिल हैं।
फिर इसके अलावा डीपीसी के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल व प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज दिल्ली भी गए थे।
और फिर प्रोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकांश अधिकारी वर्तमान में अपर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी, विकास प्राधिकरणों के सचिव, विशेष सचिव, चुनाव, राजस्व, जीएसटी और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्यरत भी बने हुए हैं।
फिर इन अधिकारियों के आईएएस बनने से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को अनुभवी अधिकारियों का लाभ भी मिलेगा।
और अब आईएएस पदोन्नति कोटे की रिक्तियों को भरने के लिए लंबे समय से प्रक्रिया भी चल रही थी।
फिर अधिकारियों के सेवा अभिलेख, सतर्कता जांच और गोपनीय प्रविष्टियों के परीक्षण के बाद डीपीसी में नामों पर विचार भी किया गया।
साथ ही डीपीसी की संस्तुति के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग की औपचारिक स्वीकृति के लिए भेजा भी जाएगा।
फिर अंतिम अधिसूचना जारी होते ही चयनित अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा भी बन जाएंगे।