उत्तराखंड के हल्द्वानी में ही कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ और हवन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बहुत ही कड़ी नाराजगी जताई।
फिर आगे उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहते, लेकिन जिस तरह उनके कार्यक्रम के बाद ही ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह उनके लिए अपमानजनक भी है।
और फिर मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए ये भी कहा, मैं इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता। फिर मैं इस सदन में कई सालों से हूं।
और मैं अनुसूचित जाति से भी आता हूं और दलित भी हूं। फिर ये बोल कर मैंने आज तक किसी के सामने यह नहीं कहा कि मेरी मदद करो या मेरी रक्षा करो।
और फिर मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं। लेकिन आप मुझे अछूत की तरह मानकर, शुद्धिकरण करते हैं और मेरा अपमान भी करते हैं।
फिर इसके बाद खड़गे के बयान पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपनी विभिन्न प्रतिक्रिया दी।
और फिर आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी इस तरह की किसी भी गतिविधि का समर्थन बिल्कुल भी नहीं करती और इस घटना की जांच भी कराई जाएगी।
साथ ही नड्डा ने कहा, मैं पहले ही कह चुका हूं कि बीजेपी ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन बिल्कुल भी नहीं करती।
फिर यह हम सभी के लिए और पूरे देश के लिए दुख की बात है। और हम इसकी जांच भी कराएंगे।
लेकिन अगर खड़गे साहब कहते हैं कि ‘आप ऐसा करते हैं’, तो यह बिल्कुल भी सही नहीं है।
और फिर इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और भी तेज हो गए हैं।
फिर खड़गे ने जहां इसे अपने अपमान और दलित होने के कारण भेदभाव से ही जोड़कर सवाल उठाया, वहीं बीजेपी ने घटना से दूरी बनाते हुए जांच की बात भी कही है।