घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी अब की जा रही है। फिर इसकी जानकारी होने पर जिलापूर्ति अधिकारी ने विशेष टीम बनाकर छापेमारी भी की।
फिर टीम ने सिलिंडर की कालाबाजारी भी पकड़ी गई। फिर मौके से चार भरे हुए सिलिंडर भी बरामद किया।
फिर एक आरोपी को भी मौके से पकड़ा भी गया। और फिरत इस मामले में पूर्ति निरिक्षक राजेश कुमार और कुमार सौरभ ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
फिर पुलिस के मुताबिक 19 जून की सुबह जिला पूर्ति अधिकारी को सूचना मिली की हैनीमेन चौराहे के पास एक व्यक्ति चार घरेलू सिलिंडर को ही संदिग्ध परिस्थिति में लेकर भी जा रहा है।
फिर सूचना पर पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार और कुमार सौरभ मौके पर पहुंचे और फिर जांच भी शुरू की। फिर मौके से बाराबंकी निवासी विनोद सिंह को पकड़ भी लिया।
और फिर पूछताछ में विनोद ने अधिकारियों को ये भी बताया कि वह बाराबंकी की सिद्धौर भारत गैस एजेंसी से चार घरेलू गैस सिलेंडर लेकर भंडारे के लिए लखनऊ भी आ रहा था।
हालांकि जांच के दौरान प्रस्तुत डिलीवरी वाउचरों और गैस उपभोक्ताओं के विवरण में कई विसंगतियां भी सामने आईं।
फिर अधिकारियों के मुताबिक गैस एजेंसी से मिलीभगत कर घरेलू सिलेंडरों को अधिक कीमत पर बेचने के उद्देश्य से ही लखनऊ भी लाया जा रहा था।
साथ ही बरामद चारों सीलबंद घरेलू गैस सिलेंडरों को गोमतीनगर स्थित में ही गैस एजेंसी प्रबंधन की सुपुर्दगी में दिया गया। फिर जबकि सिलेंडर ले जा रही बाइक को पुलिस को सुपुर्द भी कर दिया गया है।
और फिर जिलाधिकारी के आदेश पर ही विनोद सिंह के खिलाफ विभूतिखंड थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
फिर वहीं, पुलिस व पूर्ति विभाग अब गैस एजेंसी की भूमिका तथा कालाबाजारी के पूरे नेटवर्क की लगातार जांच में जुटे हुए हैं।