कानपुर में 68 खातों के जरिए ही 3200 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लेनदेन हुआ।
फिर अब इस मामले में 12 बैंक ईडी की जांच के दायरे में आ गए हैं। और इन 12 बैंकों में ही आरोपितों ने 68 खाते खुलवाए थे।
फिर इन बैंकों में 68 खाते खुलवाने में कौन से दस्तावेज लगे और एक-एक दिन में किन आधार पर करोड़ों रुपये निकाले गए।
और इनकी जांच होगी। प्रकरण में ईडी ने सोमवार को मुकदमा दर्ज कर जांच तेज भी कर दी है। वहीं, पुलिस आरोपितों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है।
साथ ही पुलिस ने जाजमऊ के टेनरी व स्क्रैप कारोबारी महफूज आलम के 3200 करोड़ से अधिक के अवैध साम्राज्य के मास्टरमाइंड महफूज के साले महताब आलम, और उसके बेटे मासूम को सबसे पहले जेल भेजा था।
और उसके बाद महफूज को भी गिरफ्तार किया। फिर बाद में इस अवैध साम्राज्य के वजीर फिरोज खान, राजदार यशोदा नगर के राजीव नगर निवासी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार किया है।
और जबकि गुरुवार को गिरोह के नूर आलम ने कोर्ट में आत्मसमर्पण भी किया था।और फिर 3200 करोड़ 12 बैंकों के 68 खातों में हुए थे।
फिर इसमें एचडीएफसी बैंक में 14 खाते, आरबीएल बैंक में पांच, इंडसइंड बैंक में पांच, कोटक महिंद्रा बैंक में छह, और यूनियन बैंक के चार, एक्सिस बैंक में तीन, बंधन बैंक के चार, आइसीआइसी बैंक के दो, सिटी यूनियन बैंक के सात, बैंक आफ बड़ौदा में दो, बैंक आफ इंडिया में एक खाता भी शामिल है।
इसके अलावा महफूज के इस पूरे गिरोह ने 400 से अधिक टेनरी, स्क्रैब और स्लाटर हाउस के नाम पर बोगस फर्में बना रखी थीं।
और फिर प्रकरण में मनी लांड्रिंग की आशंका पर ही ईडी ने बीते सप्ताह आरोपितों के बारे में जानकारी भी जुटानी शुरू कर दी थी। फिर जिसके बाद अब मुकदमा दर्ज कर जांच और भी तेज कर दी।