सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिनमें अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।
फिर लाइव लॉ के मुतबिक़ इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की ही लखनऊ बेंच ने मामले की जांच के लिए दाख़िल दो अन्य याचिकाओं को भी सुनने से मना कर दिया था।
फिर इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अयोध्या स्थित ट्रस्ट में दान और चढ़ावे की चोरी की जांच की मांग वाली दो जनहित याचिकाओं को ही 7 जुलाई को ख़ारिज भी कर दिया था।
साथ ही जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की पीठ ने कहा था कि इसी विषय पर ही संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में पहले से याचिका लंबित है, फिर इसलिए अनुच्छेद 226 के तहत समानांतर सुनवाई का कोई आधार भी नहीं है।
फिर इतना ही नहीं कोर्ट ने 6 जुलाई के अपने पहले के आदेश का भी हवाला भी दिया, जिसमें उसने सीबीआई जांच की मांग करने वाली ही इसी तरह की एक जनहित याचिका को सुनने से मना भी कर दिया था।
और फिर दोनों याचिकाओं में एसआईटी या न्यायिक आयोग से जांच, ट्रस्ट की शक्तियां और खाते भी फ्रीज़ करने जैसी मांगें भी की गई थीं।