कानपुर में एक बेहद शर्मनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने अपनी ही नाबालिग चचेरी बहनों, रिश्तेदारों की 8 से 10 साल की मासूम बच्चियों और पड़ोस की लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें अपनी गूगल ड्राइव में रखा।
लेकिन गूगल के सुरक्षा ट्रैकिंग सिस्टम ने इस आपत्तिजनक कंटेंट को डिटेक्ट कर ही उसकी पोल खोल दी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल, चमनगंज का एक युवक अपनी नाबालिग चचेरी बहनों, रिश्तेदारों की आठ से 10 साल की बेटियों व पड़ोसी की बच्चियों की पोर्न वीडियो बनाताा था।
फिर आरोपित ने अश्लील वीडियो गूगल ड्राइव में छिपाकर रखे थे, जिसपर गूगल से इसकी जानकारी राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र के पोर्टल पर आई और शिकायत दर्ज हुई।
फिर इसके बाद साइबर टीम ने उन आरोपित के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और दबोचा। आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
साथ ही एडीसीपी ने बताया कि ये पोर्टल इन उद्देश्य लापता बच्चों को खोजने में मदद करना, बाल यौन शोषण को कम करना और बाल उत्पीड़न को रोकना है।
और फिर एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने ये भी बताया कि गूगल ने जानकारी साझा की थी।
एक मोबाइल नंबर के गूगल ड्राइवर छोटी-छोटी बच्चियों की अश्लील वीडियो अपलोड हैं। फिर इस पर आरोपित की शिकायत पोर्टल पर शिकायत मिलने पर साइबर सेल की दो टीमों ने पहले गोपनीय जांच भी की।
आरोपित को मोबाइल नंबर के आइएमईआइ नंबर, ई-मेल आइडी एड्रेस के जरिए दबोचा गया। फिर उसकी डायपर की दुकान है।
इतना ही नहीं मोबाइल पर 15 से अधिक अश्लील वीडियो मिले। फिर आरोपित ने ये वीडियो गूगल ड्राइव पर रखकर गैलरी से डिलीट कर दिया था, जिससे कोई देख न ले।
फिर एडीसीपी ने बताया कि आरोपित ने बच्चियों की फोटो, वीडियो किसी वेबसाइट पर तो नहीं डाली है या किसी अन्य हिडेन एप पर तो नहीं डाली है।
फिर उसके साथ इस कृत्य में कोई और तो नहीं शामिल है। इन सबकी जांच भी की जा रही है।