पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्तिजा मुफ़्ती ने अब ये दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को मार्टर्स डे से पहले घर में नज़रबंद किया गया।
फिर कुछ रिपोर्टों के अनुसार ही महबूबा मुफ़्ती को भी नज़रबंद किया गया है। फिर इस मामले पर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि अभी नहीं मिली है।
और फिर इल्तिजा मुफ़्ती ने एक्स पर लिखा, हमें मार्टर्स डे से एक दिन पहले उन कारणों से नज़रबंद कर दिया गया है।
फिर जिन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस ही बेहतर जानती है। और फिर क्या यही वह सामान्य स्थिति है, जिसे वे कश्मीर में स्थापित करने का दावा भी करते हैं।
फिर आगे उन्होंने लिखा, स्थानीय सरकार भी इसमें शामिल है। और वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से ही पुलिस का इस्तेमाल भी कर रही है।
फिर उनके मुताबिक़, सिधरा में पुलिस घरों को गिरा रही है और फिर ज़रूरत पड़ने पर विरोधियों को हिरासत में भी लिया जा रहा है।
अब गौरतलब ये है कि जम्मू-कश्मीर में 13 जुलाई को मार्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है।
फिर यह दिन साल 1931 में श्रीनगर की केंद्रीय जेल के बाहर डोगरा सेना की गोलीबारी में ही मारे गए 22 लोगों की याद में मनाया जाता है।