कानपुर के गुजैनी पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक गिरोह का राजफाश किया है, जो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते भी खुलवाता था।
और फिर बाद में इन्हीं खातों को साइबर ठगों को मोटी रकम लेकर उपलब्ध भी कराया जाता था।
साथ ही आरोपितों की पहचान मध्य प्रदेश के दतिया निवासी राहुल वर्मा, देवराज यादव और गौतम गोस्वामी के रूप में हुई है।
फिर इनके पास से तीन मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़ी जानकारी और 1600 रुपये नकद बरामद किए हैं।
इसके अलावा डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चाैधरी ने बताया कि गुजैनी पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक स्विफ्ट कार को रोककर उसमें सवार तीन युवकों से पूछताछ भी की।
और फिर पूछताछ में पता चला कि आरोपित भोले-भाले युवकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे।
फिर इसके बाद खाताधारकों से एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर और खाते से जुड़ी अन्य जानकारी भी हासिल करके उन्हें देशभर के साइबर ठगों को बेच देते थे।
फिर जिसके बाद ठग मोबाइल में एप डाउनलोड कराकर रिमोट एक्सेस से खाते का संचालन भी करते थे।
और फिर इन खातों का इस्तेमाल आनलाइन गेमिंग फ्राड और डिजिटल ठगी में किया जाता था।
फिर शिकायत होने पर खाते फ्रीज होते ही आरोपित खाताधारकों से संपर्क तोड़ देते थे।
और फिर डीसीपी ने ये भी बताया कि इनके मोबाइल फोन की जांच में अब तक करीब 40 करोड़ रुपये के लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं।
फिर वहीं, साइबर पोर्टल पर इन खातों से संबंधित लगभग 200 से 300 शिकायतें भी सामने आई हैं।
और अन्य बैंक खातों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। फिर आरोपितों के खिलाफ ही आइटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई भी की जा रही है।