अब एलपीजी सिलिंडरों का सत्यापन न कराए जाने पर उपभोक्ताओं को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
फिर उनको घरेलू सिलिंडर, कमर्शियल सिलिंडर के मूल्य पर मिलेगा। और वर्तमान समय में 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर 957 रुपये में है।
साथ ही 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर 2950 रुपये में है। और घरेलू सिलिंडर की एक किलो एलपीजी 67.29 रुपये की पड़ती है।
फिर वहीं कमर्शियल सिलिंडर की एक किलो एलपीजी 155.26 रुपये की पड़ रही है। और ई-केवाइसी न कराने पर घरेलू सिलिंडर के उपभोक्ताओं को प्रति किलो एलपीजी के लिए 87.97 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं।
इसके साथ ही इंडियन ऑयल ने सभी गैस वितरण एजेंसियों 15 अगस्त तक शत प्रतिशत ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं।
जो उपभोक्ता अपने कनेक्शन की ई-केवा ईसी नहीं कराते हैं, उनको महंगी एलपीजी लेनी पड़ सकती है। और इसका असर उनकी जेब पर पड़ेगा।
सरकार ने राशन कार्ड धारकों की तरह ही एलपीजी उपभोक्ताओं की भी ई-केवाईसी कराने के निर्देश भी दिए गए है।
इसके लिए सभी गैस वितरण एजेंसियों को ये निर्देश दिए गए है। एलपीजी वितरक संघ के संरक्षक भारतीश चंद्र मिश्रा बताते हैं कि उपभोक्ता अपनी गैस वितरण एजेंसी जाकर ई-केवाईसी करा सकते है। फिर ई-केवाईसी के लिए शिविर भी लगाए जाएंगे।
और फिर उपभोक्ता गैस वितरण कंपनी के एप से घर बैठे बी ई-केवाईसी करा सकते है। उनको गैस वितरण एजेंसी जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
इसके लिए उनको गूगल प्ले स्टोर से अपनी गैस वितरण कंपी का एप डाउनलोड करना होगा।
फिर इंडेन के उपभोक्ता इंडेन वन, भारत गैस के उपभोक्ता हैलो बीपीसीएल, एचपी गैस के उपभोक्ता एचपी पे एप पर अपने एलपीजी कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर से लाग इन करेंगे।
फिर यहां ई-केवाइसी आधार वैरिफिकेशन या अपडेट ई-केवाईसी का विकल्प दिखाई देगा। और उस पर टैप कर अपने 12 अंकों के आधार नंबर को भरना होगा।
फिर इसके बाद आधार फेस आरटी एप की मदद से फेस आथेंटिकेशन भी कराना होगा। फिर ई-केवाईसी पूरी होने पर स्क्रीन पर कन्फर्म लिखकर आएगा अथवा मोबाइल पर एसएमएस भी आएगा।