पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जिला प्रशासन से 90 दिन इसे बंद रखने की अनुमति मांगी है।
फिर इस दौरान पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत व 28 बेयरिंग बदलने का काम होगा। और इसे लेकर डायवर्जन प्लान लागू करने को कहा है।
हालांकि, ट्रैफिक डायवर्जन की अंतिम योजना पर कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर के जिला प्रशासन तथा पुलिस की अभी तक सहमति भी नहीं बन पा रही है।
इससे मरम्मत शुरू होने की तारीख तय नहीं हो पा रही है। फिर इसी माह तारीख तय होने की उम्मीद है।
और एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि छह करोड़ रुपये से एलीवेटेड रोड व पुराने गंगा पुल की मरम्मत कराई जा रही है, ताकि पुल की आयु बढ़ाई जा सके।
और पहले चरण में पुल के निचले हिस्से के संरक्षण में ग्राउटिंग, कोटिंग व एंटी-कोरोजन पेंट का कार्य पूरा हो चुका है। फिर अब 700 मीटर लंबे पुल के प्रत्येक गर्डर को हाइड्रोलिक जैक की मदद से उठाकर पुरानी बेयरिंग निकालकर नई बेयरिंग भी लगाई जाएगी।
साथ ही पुल बंद होने पर लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को उन्नाव से फतेहपुर के रास्ते डायवर्ट करने का प्रस्ताव है।
और सरैया क्रॉसिंग का रेलवे ओवरब्रिज अभी अधूरा है। और वहां रेलवे फाटक हर आधे घंटे में 10 से 15 मिनट तक बंद रहता है। इससे भारी वाहनों का दबाव बढ़ने पर लंबा जाम लगने की आशंका भी बनी हुई है।
फिर इसी तरह, उन्नाव के बक्सर गंगा पुल व रायबरेली के लालगंज स्थित गेगासो गंगा पुल पर पहले से ही भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है।
और इससे प्रशासन के सामने वैकल्पिक मार्ग तय करना मुश्किल हो रहा है। फिर एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने ये भी बताया कि पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत के लिए ट्रैफिक डायवर्जन अनिवार्य भी है।