नरसिंहपुर : फिर दरिंदगी की हद हुई पार , आठ साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर करी हत्या

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एक खौफनाक इकरारनामा, मेरे अंदर शैतान जाग गया था, उस हैवान का है, जिसने अपनी हवस मिटाने के लिए आठ साल की एक मासूम बच्ची को जान से मार डाला।

फिर आरोपी पहले बच्ची को झूठ बोलकर स्कूल से जंगल ले गया, फिर उसके साथ दरिंदगी की।

और जब मासूम चीखने-चिल्लाने लगी तो उसने गला घोंटकर उसकी हत्या ही कर दी। फिर इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंक भी दिया और खुद गांव वालों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक भी करता रहा।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में हुई इस बर्बर घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर ही रख दिया है।

फिर घटना के विरोध में लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। फिर गोटेगांव पूरी तरह ही बंद है, विरोध में कैंडल मार्च भी निकाले जा रहे हैं।

और फिर हर तरफ आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग गूंज भी हो रही है। फिर इस दिल दहला देने वाली वारदात ने साल 2018 के जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित कठुआ कांड की दर्दनाक यादें भी ताजा कर दी हैं।

और फिर स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गोटेगांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

दरअसल 5 अगस्त की दोपहर आठ साल की बच्ची रोज की तरह स्कूल गई थी। फिर छुट्टी के समय पड़ोस में रहने वाला युवक अनिल यादव उर्फ अन्नू स्कूल पहुंचा।

फिर उसने बच्ची से कहा कि उसके पिता ने उसे घर बुलाया है। और मासूम ने अपने शिक्षक को भी यही बात बताई।

अपना बैग क्लास में रखा और उसके साथ चली गई। फिर किसी को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर ही साबित होगा।

फिर जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों की चिंता और भी बढ़ी। और रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन भी की गई।

लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर इसके बाद परिजनों ने झौतेश्वर पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना खुद मौके पर पहुंचे।

फिर उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया और आसपास के थानों की पुलिस टीम भी गोटेगांव पहुंची। फिर गांव वालों और पुलिस बल ने मिलकर रात में ही संयुक्त तलाशी अभियान भी शुरू किया।

इसके अलावा डॉग स्क्वॉड, एफएसएल टीम और टेक्निकल सर्विलांस की मदद भी ली गई।

और फिर सैकड़ों ग्रामीण हाथ में टॉर्च लेकर जंगलों और खेतों की खाक छानते रहे, क्योंकि सभी को उम्मीद थी कि बच्ची सही-सलामत मिल जाएगी।

हालांकि, करीब आठ घंटे की कढ़ी मशक्कत के बाद गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में एक पानी से भरे गड्ढे के पास मासूम का शव बरामद हुआ।

शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या भी कर दी गई।

और फिर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई उसी युवक अनिल यादव पर जा टिके जिसे आखिरी बार बच्ची के साथ देखा गया था।

फिर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर ही अनिल यादव को हिरासत में लिया गया।

और फिर पूछताछ के दौरान आरोपी ने मीडिया और पुलिस के सामने जो जुर्म कबूला, उसने सभी को सन्न ही कर दिया।

फिर आरोपी ने माना कि उसकी नीयत खराब हो गई थी और वह बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल भी ले गया।

और उसने दावा किया कि उसकी मंशा हत्या करने की नहीं थी, लेकिन जब बच्ची दर्द और डर से चिल्लाने लगी। तो फिर पकड़े जाने के डर से उसने उसका गला भी दबा दिया।

और हत्या के बाद उसने शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंक भी दिया और गांव लौटकर लोगों के साथ बच्ची को ढूंढने का ढोंग भी करता रहा ताकि उस पर किसी को शक भी न हो।

इसके अलावा गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा बच्ची के शव का पोस्टमार्टम भी किया गया।

और इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। और फिर आरोपी को तुरंत फांसी देने की मांग पर भी अड़े रहे।

फिर पुलिस प्रशासन ने आरोपी अनिल यादव के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, बलात्कार और हत्या जैसी गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में मामला भी दर्ज कर लिया है।

साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों ने ये भी बताया कि इस मामले को ‘जघन्य और दुर्लभतम’ अपराध की श्रेणी में ही रखा गया है।

और फिर पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन भी किया गया है। पुलिस का दावा है।

कि जल्द से जल्द जांच पूरी कर ही अदालत में चार्जशीट भी पेश की जाएगी। और केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा भी दिलाई जाएगी।

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