तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने अंकारा में ही साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ अब समझौते का मुख्य मक़सद ये हैं।
कि रक्षा और सैन्य संबंधों को ज्यादा ‘संस्थागत और टिकाऊ’ आधार पर जोर देना है।मिली जानकारी के मुताबिक़ मंत्रालय ने कहा, समझौते के तहत रक्षा मंत्रियों, विदेश मंत्रियों, थल सेना प्रमुखों और सशस्त्र बलों के कमांडरों को भी शामिल किया गया है।
फिर इसे रणनीतिक राजनीतिक और सैन्य तंत्र में तब्दील भी किया जाएगा। और तीनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर पर को-ऑर्डिनेशन भी होगा।
साथ ही मंत्रालय ने बताया कि तीनों देशों की थल सेना, नौसेना और वायु सेना के साथ-साथ वायु रक्षा और ड्रोन जैसी मानवरहित प्रणालियों को भी शामिल करके संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किया जाएगा।
फिर इसके अलावा तीनों देशों के बीच रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा।
और फिर तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पिछले सप्ताह ही रक्षा और सामरिक समझौता भी हुआ था। और इसके मुताबिक़ एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला भी माना जाएगा।