उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजकल हमारे युवाओं को मोबाइल फोन और इंटरनेट की ऐसी लत लग गई है कि वे रात-रात भर जागते हैं।
और मोबाइल की दुनिया में ही खोए रहते हैं। फिर उनके सामने एक बड़ी चुनौती ब्रेकअप भी है। किसी युवा का ब्रेकअप होता है तो वह रात-रात भर रोता है।
और शिक्षक भी इंटरनेट की दुनिया में व्यस्त रहते हैं। फिर रामायण और श्रीमद्भगवद गीता का पन्ना रातभर में खत्म हो जाएगा, लेकिन रील का पन्ना कभी खत्म नहीं होता।
साथ ही जोड़ी तो ईश्वर बनाकर दुनिया में भेजता है, इसलिए इसकी चिंता छोड़ दें और ज्ञान की ओर बढ़ें।
फिर ये बातें उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में मोबाइल मेडिकल वैन के शुभारंभ समारोह में ही कहीं।
फिर उप मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को भी संबोधित किया कि बच्चों पर पढ़ाई का झंझट बहुत लादा जा रहा है। और ज्ञान का झंझट लादो और मार्कशीट का झंझट खत्म करो।
फिर कबीरदास और रहीमदास का उदाहरण देते हुए उन्होंने ये भी पूछा कि बताइए, आखिर वे किस विश्वविद्यालय में पढ़े थे और कहां के टापर भी थे?
और आज उनके दोहे सभी लोग बोलते हैं। फिर उन्होंने कहा कि पुराने जमाने में कहा जाता था कि लक्ष्मी और सरस्वती की नहीं बनती, लेकिन अब समय बदल चुका है। और अगर आपके पास सरस्वती है तो लक्ष्मी स्वत: ही पहुंच जाती हैं।
इसके अलावा कार्यक्रम में ही उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, और कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, और गोल्डी मसाले समूह के निदेशक सुदीप गोयनका और फिर विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने हरी झंडी भी दिखाकर मोबाइल मेडिकल वैन का लोकार्पण भी किया।