भोपाल में अब गरबा आयोजनों में मुस्लिम समाज की भागीदारी को लेकर चल रहे विवाद के बीच ही मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा है।
और फिर सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान की तरफ से ही लिखे पत्र में हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के गरबा में मुस्लिम समाज की भागीदारी को लेकर दिए गए हालिया बयान का जिक्र करते हुए ही उस पर आपत्ति भी जताई गई है।
फिर दरअसल विधायक रामेश्वर शर्मा ने करोंद में जन्माष्टमी के मौके पर ये भी कहा था कि गरबे में सिर्फ मुसलमान ही नहीं आएं, वो अपनी बहन बेटियों को भी साथ लेकर आएं।
और उन्होंने कहा था कि गरबा में अकेले मुस्लिम लड़के ही क्यों आना चाहते हैं। फिर वो अकेले न आएं, बल्कि अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं।
फिर इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था अगर हिंदू धर्म से इतना ही लगाव है तो परमानेंट सनातन धर्म में आ जाओ, आखिरकार डीएनए भी तो वही है।
फिर वहीं उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। और मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि मीडिया में ही प्रकाशित जानकारी के अनुसार रामेश्वर शर्मा ने मुस्लिम युवाओं के गरबा में आने और उन्हें लेकर विभिन्न टिप्पणियां की हैं।
और कमेटी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों के बयान का समाज पर व्यापक प्रभाव भी पड़ता है।
और गरबा एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, इसलिए आयोजकों के नियमों का सम्मान करने के साथ ही सभी समुदायों के प्रति सार्वजनिक संवाद में सम्मान और सामाजिक सद्भाव की भावना बनाए रखना जरूरी है।
फिर इतना ही नहीं जीशान रहमान ने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक आयोजन या किसी समुदाय की भावनाओं का विरोध करना बिल्कुल नहीं है।
और उन्होंने संविधान सम्मत सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने की अपील भी की है। फिर रामेश्वर शर्मा के बयान को लेकर ही राजनीतिक विवाद भी सामने आया है।
और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और AIMIM मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने उनके बयान पर बेहद ही कड़ी नाराजगी जाहिर की है।