यूपी : राज्यसभा की 10 सीटों पर अब तेज़ हुई हलचल, जानें 7 सीटों के बाद किसके खाते में जाएगी 10वीं सीट

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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों और फिर विधान परिषद की 11 सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं।

और अगले दो महीनों में इन सीटों से जुड़ी चुनाव और चयन की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही जा रही है।

फिर राज्यसभा की 10 सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। और इनमें बीजेपी की आठ, सपा की एक और बसपा की एक सीट शामिल है।

और बसपा के राज्यसभा में भी खाली होने की स्थिति के बीच अब राजनीतिक दलों की नजर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास मौजूद अतिरिक्त वोटों पर है।

फिर वहीं, मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर सपा के खाते में दो सीटों का गणित बनता हुआ भी दिखाई दे रहा है।

फिर रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में घोषित भी हो सकता है।

और आमतौर पर अधिसूचना जारी होने से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया में करीब 20 दिन का समय लगता है।

फिर उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। हालांकि, पिछले एक वर्ष में छह विधायकों के निधन के बाद ही मौजूदा संख्या 397 रह गई है।

और फिर दिए गए मौजूदा गणित के अनुसार ही राज्यसभा की एक सीट के लिए अब करीब 37 विधायकों के वोट की जरूरत भी होगी।

और विधानसभा में बसपा के पास पहले ही कोई विधायक नहीं है। फिर रामजी गौतम का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही पार्टी राज्यसभा में भी प्रतिनिधित्व विहीन भी हो जाएगी।

फिर इतना ही नहीं सपा के पास 101 विधायक बताए गए हैं। और इस संख्या के आधार पर दो राज्यसभा सीटों के लिए उसका गणित बनता है और करीब सात वोट अतिरिक्त बचने की बात भी कही जा रही है।

फिर इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों और राजा भैया की पार्टी के दो विधायकों के समर्थन से यह संख्या 294 तक पहुंचने का दावा भी किया गया है।

हालांकि, सुभासपा के दो विधायकों के सपा की ओर झुकाव की चर्चा के चलते एनडीए की प्रभावी संख्या करीब 292 भी मानी जा रही है।

और फिर इस गणित के मुताबिक बीजेपी और उसके सहयोगी दल सात सीटें जीतने की स्थिति में भी बताए जा रहे हैं।

फिर इसके बाद बचने वाले अतिरिक्त वोट दूसरी पसंद के वोटों के जरिए 10वीं सीट के समीकरण को प्रभावित भी कर सकते हैं।

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