रियाद। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह बिन फौजान अल फौजान ने देश के सैनिकों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने सैनिकों से देश की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर अपनी जान तक कुर्बान करने के लिए तैयार रहने की अपील की है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर हमले तेज किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
सऊदी सरकारी मीडिया की ओर से जारी संदेश में ग्रैंड मुफ्ती ने सैनिकों से देश के शासकों और सैन्य कमांडरों के आदेशों का पालन करने को कहा। उन्होंने यमन की सऊदी समर्थित सरकार के अधिकार को बहाल करना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया।

‘देश की रक्षा सबसे बड़े कर्तव्यों में शामिल’
शेख सालेह ने कहा कि सऊदी अरब की रक्षा करना और देश के किसी भी हिस्से पर कब्जे की कोशिश करने वालों का मुकाबला करना सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्यों में शामिल है। उन्होंने सैनिकों को इस जिम्मेदारी के लिए हर तरह का बलिदान देने के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
उन्होंने हूती समूह और उसे समर्थन देने वालों की हार के लिए भी प्रार्थना की। साथ ही सऊदी अरब और यमन को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने की कामना की।
ग्रैंड मुफ्ती सऊदी अरब के सर्वोच्च धार्मिक अधिकारियों में शामिल होते हैं और देश की प्रमुख धार्मिक सलाहकार संस्था काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स के प्रमुख होते हैं। यह संस्था धार्मिक मामलों में सऊदी सरकार को सलाह देती है।शेख सालेह बिन फौजान अल फौजान को पिछले वर्ष सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेश के बाद ग्रैंड मुफ्ती नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति पर कुछ मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई थी और उनके पूर्व में दिए गए कुछ बयानों को लेकर सवाल उठाए थे।

