कानपुर। भाजपा के कुछ नेताओं और महापौर प्रमिला पांडेय के बीच रार थमती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार को महापौर ने उनके आफिस से जरूरी फाइलें चोरी होने का बड़ा आरोप लगाया है, उन्होंने कहा कि फाइलें मिल गई तो ठीक है नहीं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जांच कराने की बात कही है। इससे पहले शनिवार को सदन की बैठक के दौरान भाजपा मंडल मंत्री पर चोरी का आरोप लगा था। जिसके बाद बागी पार्षदों ने सदन से लेकर बाहर तक हंगामा किया था।
बयान के बाद और बढ़ सकता है विवाद
नगर निगम सदन की बैठक के दौरान शनिवार को महापौर कार्यालय में हुई घटना के बाद मंगलवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि उनके कार्यालय से कई फाइलें गायब हो गई हैं, जिसकी जांच करा रहे हैं। बीते शनिवार को नगर निगम की सदन की बैठक हुई थी। इस दौरान भाजपा के बागी पार्षद आलोक पांडेय, पवन गुप्ता, लक्ष्मी कोरी और विकास जायसवाल ने आरोप लगाया था कि कौशलपुरी के मंडल मंत्री मनीष बाजपेई को पत्र रिसीव कराने के दौरान महापौर कार्यालय में बंधक बना लिया गया।
यही नहीं फोन छीनने समेत कई आरोप लगाए थे। मामले में मनीष बाजपेई ने संगठन में भी शिकायत की थी। अब मंगलवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि जब कमरों और अलमारियों की जांच कराई तो कई जरूरी फाइलें गायब मिली हैं।
पार्षद बवाल करने के मकसद से आए थे
महापौर ने कहा कि इससे पहले भी पवन गुप्ता पहली बार सदन में सिर पर कूड़ा पेटी लेकर आए थे। इसके बाद भी कार्यकारिणी में शामिल करा दिया। उन्होंने कहा कि यह सभी पार्षद मकसद से बवाल करने आए थे। यह सब सदन से किसी बड़े नेता को लाइव दिखा रहे थे। हमारे सांसद, विधायक, एमएलसी सब आमंत्रित सदस्य हैं, सब आएं हमारे सदन में बैठें, सदन देखें।
महापौर ने बताया कि मुझे पता था कि कुछ बवाल हो सकता है। इसलिए अपने रेस्ट रूम में अपने बेटे अमित पांडेय को बैठने के लिए किया था।
पार्षद मुझे और मेरे बेटे को फंसाना चाहते
महापौर ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि भाजपा अध्यक्ष इस तरीके से बयान देंगे। मुझे नहीं पता था कि आजकल जो संगठन के पदाधिकारी बने हैं वह पार्षदों की पर्ची पहुंचा रहे हैं। महापौर ने कहा कि जब मैं, सदन में थी तो मेरे कार्यालय क्यों आए।
मेरे अनुपस्थिति में मुझे फंसाने के लिए, मेरे बेटे को फंसाने के लिए, तीनों कमरे में गए थे।

