जौनपुर से पकड़े गए असलहा तस्करों की गिरफ्तारी के बाद ही अब कानपुर कनेक्शन आने पर यहां भी पुलिस सक्रिय हो गई।
फिर जौनपुर की पुलिस टीम ने मेस्टन रोड के हैरिस गन हाउस के संचालक अब्बास को ही उठाकर पूछताछ की।
तो फिर उसने अवैध तरीके से असलहे व कारतूसों की बिक्री की बात स्वीकारी। फिर इसके बाद पुलिस ने गन हाउस में खरीद-बिक्री का सत्यापन भी किया गया।
इसके साथ ही मंगलवार रात तक पुलिस ने मेस्टन रोड की पांच दुकानों का रिकार्ड खंगाला तो 34 माह में 1234 असलहे व लगभग 4,87,208 कारतूसों की बिक्री मिली। और अब इनका भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा।
और वहीं, जौनपुर की पुलिस ने कैंट के एक गन हाउस संचालक अब्दुल्ला को भी गिरफ्तार किया है।
और जौनपुर की पुलिस टीम ने बदलापुर में कुरांवा नहर पुलिया के पास स्कार्पियो सवार असलहा तस्करी के आरोपित शुभम सिंह, संतोष कुमार, सौरभ सिंह, अनीश सिंह, दिग्विजय सिंह को पकड़ा भी था।
फिर उनके पास से दो बंदूक, एक 9 एमएम की प्रतिबंधित पिस्टल, रायफल व ब्राजील माडल ग्लाक पिस्टल बरामद भी की थी।
और फिर गिरोह के सरगना शुभम ने ये भी बताया था कि कानपुर के मेस्टन रोड के हैरिस गन हाउस के संचालक अब्बास अली से असलहे खरीदकर ही बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सप्लाई भी करते थे।
इसके अलावा अब्बास व शुभम के बीच 21 लाख का लेनदेन भी मिला, फिर जिसमें 16 लाख रुपये अब्बास के खाते से भेजे भी गए।
और एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने ये बताया कि गन हाउस में असलहों और कारतूसों की बिक्री का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है।
फिर उसके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। और जौनपुर की पुलिस टीम भी लगातार जांच भी कर रही है।