न्यूजलिंक हिंदी डेस्क। Shardiya Navratri 2023: नवरात्र आज से शुरू हो गए हैं। प्रथम दिन मंदिरों और घरों में भक्त मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। देवी शैलपुत्री महादेव की अर्धांगिनी मां पार्वती हैं। सनातन धर्म में हर वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होती है। यह दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यदि साधक श्रद्धा भाव से कृपालु और दयालु मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना करते हैं। उनकी मां सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
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वृषभ पर सवार होकर आती हैं मां
मां शैलपुत्री बेहद दयालु और कृपालु हैं। मां के मुखमंडल पर कांतिमय तेज झलकती है। इस कांतिमय तेज से समस्त जगत का कल्याण होता है। मां शैलपुत्री दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल पुष्प धारण कर रखी हैं। मां की सवारी वृषभ है। मां अपने भक्तों का उद्धार और दुष्टों का संहार करती हैं।
#WATCH | Guwahati, Assam: Devotees throng Kamakhya Temple on the first day of #Navratri pic.twitter.com/GPBSJ4djoD
— ANI (@ANI) October 15, 2023
लाल रंग के वस्त्र में प्रतिमा और कलश करें स्थापित
नहाने के बाद आचमन कर व्रत संकल्प लें। इसके पश्चात, लाल रंग का वस्त्र धारण करें। अब सबसे पहले सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें। पूजा गृह में चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर मां की प्रतिमा या चित्र और कलश स्थापित करें। अब मां का आह्वान निम्न मंत्रों से करें। शैलपुत्री की पूजा फल, फूल, धूप, दीप, पान, सुपारी, हल्दी, चंदन, लौंग, नारियल, अखंडित चावल, तिल, जौ आदि से करें।
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शाम को आरती-अर्चना करने के बाद फलाहार
मां शैलपुत्री को लाल रंग अति प्रिय है। अतः मां को सफेद रंग का पुष्प और फल अवश्य अर्पित करें। साथ ही सफेद रंग की मिठाई अर्पित करें। पूजा के समय दुर्गा चालीसा का पाठ, मंत्र जाप और आरती करें। अंत में सुख, समृद्धि और आय में वृद्धि की कामना करें। दिन भर व्रत रखें। शाम में आरती-अर्चना करने के बाद फलाहार कर सकते हैं।
सुबह हुई घटस्थापना
ज्योतिष पंचांग के अनुसार, रविवार सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त रहा। इस दौरान घटस्थापना कर जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा की प्रथम शक्ति स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गई। अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 44 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक है।

