न्यूज़लिंक हिंदी। इटली का एक खूबसूरत शहर तबाही की कगार पर है। लाखों लोगों के जमीनी तबाही की जद में आने की आशंका है। ज्वालामुखी उबल रहा है। इटली में सबसे ज्यादा एक्टिव ज्वालामुखी माउंट वेसुवियस है, जिसने 79 ईस्वी में पोम्पी नाम के शहर को तबाह कर दिया था। लेकिन अब भी इससे भी ज्यादा खतरनाक ज्वालामुखी एक्टिव होने वाला है। इसका नाम कैम्पी फ्लेग्रेरी या कहें फ्लेग्रेअन फील्ड्स है। जिस जगह ये ज्वालामुखी है, वहां काफी शहर और कस्बे बसे हुए हैं। ज्वालामुखी का पूरा इलाका 200 किलोमीटर में फैला हुआ है, जो इटली के प्रमुख शहर नेपल्स तक जाता है. यहां दो द्वीप भी मौजूद हैं।

दरअसल, एक वक्त इस पूरे इलाके में एक एक्टिव ज्वालामुखी था। मगर वक्त के साथ जब जगह ठंडी पड़ गई, तो इसके आस-पास लोग बसने लगे। करीब 20 लाख साल पहले एक्टिव रहे ज्वालामुखी की वजह से यहां एक बड़ा गड्ढा भी बन गया। वैज्ञानिक भाषा में इसे जाइंट कालडेरा कहा जाता है, जो बड़े-बड़े गड्ढों और समतल इलाकों को दर्शाता है। आज के वक्त में भी इन गड्ढों को यहां देखा जा सकता है। मगर ज्वालामुखी के शांत रहने की वजह से ये गड्ढे हरियाली से भरे हुए हैं।
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485 साल पहले मची थी भयानक तबाही
200 किलोमीटर के दायरे में 18 शहर हैं, जहां ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से बड़े नुकसान की आशंका है। इटली के इस संवेदनशील इलाके में 30 लाख लोग नेपल्स शहर के आसपास रहते हैं, जो संभावित खतरे से अछूते नहीं हैं। कैम्पी फ़्लेग्रेई का आखिरी बार बड़ा विस्फोट 1538 में हुआ था, जिसके बाद यहां एक नया पहाड़ बन गया। सीएनएन की एक रिपोर्ट में इटली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स एंड ज्वालामुखी के हवाले से बताया गया है कि, क्षेत्र में 2022 के बाद से भूकंप की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
भूकंप की वजह से बढ़ रहा खतरा
आमतौर पर भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 या उससे कम रही है। अगर भूकंप के तेज झटके आते हैं तो इससे ज्वालामुखी विस्फोट होने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। 2016 में क्षेत्रीय शासन ने येलो वार्निंग जारी किया था। बाद में इसे रेड जोन घोषित कर दिया गया। हाल के कुछ वर्षों में क्षेत्र की गतिविधियों में कई बदलाव देखे गए हैं, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट लेवल ऑरेंज कर दिया था।
125 स्कूल, 15000 इमारतों पर जोखिम
भूकंप के लगातार झटके की वजह से यह इलाका और भी ज्यादा संवेदनशील होता जा रहा है, जिससे आने वाले समय में शहर की आबादी को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की जरूरत पड़ेगी। इसी महीने 7 नवंबर को सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को एक ब्लूप्रिंट दिया है। इससे पता चला कि संवेदनशील क्षेत्रों के 125 स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों सहित 15000 इमारतों पर अधिक खतरा है। इसी महीने 27 नवंबर तक क्षेत्र को खाली कराने के लिए निर्देश जारी किया जाने की उम्मीद है।

