अब डाॅ. शाहीन के बाद, जीएसवीएम से बर्खास्त तीनों डॉक्टर गए थे सऊदी अरब, बैंक खातों की जांच में जुटी हुई एजेंसियां

0
210

दिल्ली बम धमाके के षड्यंत्र में शामिल डा. शाहीन के बाद अब गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कालेज से बर्खास्त हुए तीनों डाक्टरों ने विदेश यात्रा की थी।

फिर इनमें से एक डा. हामिद अंसारी राजकीय मेडिकल कालेज, कानपुर देहात में तैनात हैं और कानपुर में परिवार के साथ ही रहते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, ये भी बताया कि शाहीन के बारे में नहीं पता, लेकिन वह और उनके साथ बर्खास्त हुए हफीजुल रहमान व डाक्टर निसार अहमद नौकरी के लिए सऊदी अरब गए थे।

और फिर वहां वे सात साल रहे। फिर इस समय वे दोनों लखनऊ के निजी अस्पतालों में काम कर रहे हैं।

और फिर वह नौकरी के लिए ही विदेश गए या फिर किसी अन्य कारण से, इसकी पूछताछ की तैयारी जांच एजेंसियां भी कर रही हैं।

और फिर फिजियोलाजी विभाग में रहे हफीजुल रहमान, एनाटामी के हामिद अंसारी व सर्जरी विभाग के निसार अहमद भी वर्ष 2013 के अंत में बिना सूचना दिए गायब हो गए थे।

फिर इन तीनों को शासन ने 2021 में बर्खास्त भी कर दिया था। इतना ही नहीं तीनों डाक्टरों को तलाशा तो डाॅ. हामिद अंसारी के बारे में पता चला। फिर वह बंगाल में आसनसोल के मूल निवासी हैं।

सितंबर 2010 से सितंबर 2013 तक जीएसवीएम मेडिकल कालेज में उन्होंने काम किया।

और फिर ट्रांसफर की प्रक्रिया और सैलरी कम होने पर वह परिवार के साथ सऊदी अरब चले गए और वहां की जजान यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में 15 हजार रियाल में नौकरी भी की।

और फिर उनके साथ गए डा. हफीजुल रहमान भी जजान यूनिवर्सिटी में काम करते थे। डा. निसार भी कुछ समय बाद पहुंचे, मगर वह एक निजी अस्पताल में नौकरी भी करते थे।

और फिर डाॅ. हामिद के अनुसार वर्ष 2020-21 में वह कानपुर लौटे और यहीं के एक निजी मेडिकल कालेज में वर्ष 2021 में ज्वाइन किया, जहां छह दिसंबर तक 2023 तक काम भी किया।

और फिर सात दिसंबर को राजकीय मेडिकल कालेज, कानपुर देहात में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर की शुरुआत भी की गई ।

और फिर उनका कहना है कि डा. शाहीन जीएसवीएम के एल ब्लाक में रहती थी, जबकि वह टाइप फोर में। और फिर दोनों का कभी आमना-सामना नहीं रहा।

इतना ही नहीं डा. शाहीन और डा. मोहम्मद आरिफ मीर के व्हाइट कालर टेरर के तार अब कई डाक्टरों से जुड़ते दिख रहे हैं।

और फिर जांच एजेंसियां शाहीन के संपर्क वाले डाक्टरों व स्टाफ का डाटा जुटा रही हैं।

साथ ही डा. शाहीन को फंडिंग की आशंका में जांच एजेंसियां उसके सैलरी अकाउंट की जांच के साथ ही पेचबाग क्षेत्र के बैंक के अकाउंट की तलाश भी कर रही हैं।

और फिर यही नहीं डा. आरिफ और बर्खास्त तीन डाक्टरों के भी खाते की जांचे भी जा रहे हैं।

और फिर जांच में जुटी एजेंसियों को आतंकी शाहीन और डाक्टर आरिफ के लगभग एक दर्जन स्थानीय ठिकानों की जानकारियां मिली हैं।

और फिर पुलिस के साथ-साथ एजेंसियां इन ठिकानों पर खुफिया नजर भी रख रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक चमनगंज और बेकनगंज क्षेत्रों से इतर शहर में जाजमऊ, काकादेव, रावतपुर क्षेत्रों में भी इन्होंने अपने नेटवर्क भी खड़े कर लिए थे।

और फिर डाक्टर आरिफ ने अशोक नगर में किराए का मकान भी लिया था। और फिर मकान के ठीक बगल में फातिमा कान्वेंट स्कूल है।

साथ ही पुलिस और एजेंसियां यहां लगे कैमरों की जांच भी कर रही हैं। और फिर यह पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है कि कहीं आरिफ स्कूली छात्रों को बरगलाने का काम तो नहीं कर रहा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here